Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दी गई ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा वापस लिए जाने के फैसले पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था का निर्णय सरकार का विषय है और यदि किसी को इस संबंध में कोई आपत्ति है तो उसे विनम्रतापूर्वक सरकार के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए।


मीडिया से बातचीत के दौरान जीतन राम मांझी ने कहा, “सरकार सभी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है। सुरक्षा प्रदान करना और उसमें बदलाव करना सरकार का अधिकार क्षेत्र है। यदि सुरक्षा में कटौती की गई है तो यह सरकार का फैसला है। इस पर हम ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। अगर किसी को इससे परेशानी है तो उसे अपनी बात शालीनता से सरकार के संज्ञान में लानी चाहिए। इस मुद्दे पर आंदोलन करना उचित नहीं है।”


बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दी गई ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। इसके साथ ही पूर्व विधायक तेजप्रताप यादव की ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा भी समाप्त कर दी गई है।


राज्य के गृह विभाग ने इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी किया। सरकार के अनुसार यह फैसला 4 जून को आयोजित राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में की गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को प्रदान की गई विशेष सुरक्षा श्रेणी अब समाप्त कर दी गई है।


सुरक्षा हटाए जाने के फैसले को लेकर आरजेडी ने सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह निर्णय बदले की भावना से लिया गया है। आरजेडी का दावा है कि ऐसे वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा में कटौती करना राजनीतिक दृष्टि से प्रेरित कदम है, जबकि सरकार का कहना है कि यह फैसला सुरक्षा समीक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।