PATNA : कांग्रेस के बूते महागठबंधन में अपनी नैया पार लगाने में जूटे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. महागठबंधन में कोआर्डिनेशन कमेटी और नेतृत्व का चेहरा तय करने के लिए मांझी लंबे समय से डिमांड कर रहे हैं. शनिवार को जब कांग्रेस से के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल पटना पहुंचे तो मांझी को इस बात की उम्मीद जगी थी कि अब महागठबंधन में अटकी हुई गाड़ी आगे बढ़ेगी. लेकिन अब गोहिल ने जो बयान दिया है उसके बाद साफ हो गया है कि फिलहाल मांझी की उम्मीद पूरी नहीं होगी.
बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा है कि वह मौजूदा दौरे पर महागठबंधन के सहयोगी दल के नेताओं से मुलाकात नहीं करेंगे. गोहिल ने कहा है कि यह दौरा उनकी पार्टी के लिए है और चुनाव अभियान से लेकर कांग्रेस के अंदर संगठन के मुद्दे पर वह अपनी ही पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे. दरअसल शक्ति सिंह गोहिल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का होमवर्क लेकर पटना आए हैं. राहुल ने 3 दिन पहले वर्चुअल मीटिंग के दौरान बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी पर कई तरह की गाइडलाइन जारी की थी. इसके बाद गोहिल आनन-फानन में पटना पहुंचे गोहिल जब पटना आए तो उम्मीद की गई कि महागठबंधन में सहयोगी दलों के बीच बातचीत आगे बढ़ेगी. लेकिन अब उन्होंने खुद इन संभावनाओं को खारिज कर दिया है.
आजादी के वीर सपूतों को आज कांग्रेस के नेताओं ने विधानसभा स्थित सप्तमूर्ति पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की कांग्रेस से प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के अलावे प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा समेत तमाम नेता इस मौके पर मौजूद रहे.