Bihar News: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ने और उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किए जाने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है. इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विदेश दौरे को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उन पर निशाना साधा है. जेडीयू के MLC और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि ऐसे समय में, जब लालू यादव की तबीयत खराब है और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव भी है, तेजस्वी यादव का देश से बाहर रहना कई सवाल खड़े करता है.


नीरज कुमार ने कहा कि लालू यादव का किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है और ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि लालू यादव के साथ उनकी पत्नी राबड़ी देवी और सांसद मीसा भारती मौजूद थीं, लेकिन बेटा विदेश दौरे पर है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है तेजस्वी यादव अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच चल रहे विवाद में मध्यस्थता करने निकले हैं, क्योंकि परिवार से पहले अमेरिका, ईरान और इजरायल का युद्ध रुकवाना है. बाकी घर की चिंता करने के लिए दूसरे लोग मौजूद हैं.


जेडीयू प्रवक्ता ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता चुनाव मैदान में हैं, लेकिन तेजस्वी यादव अब तक प्रचार के लिए नहीं पहुंचे. नीरज कुमार ने दावा किया कि तेजस्वी यादव को पहले से हार का अंदाजा है, इसलिए उन्होंने चुनाव प्रचार से दूरी बना रखी है. उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि चुनाव हारना उनका पुराना रिकॉर्ड रहा है.


नीरज कुमार ने आगे कहा कि जल्द ही विधानमंडल का सत्र शुरू होने वाला है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि सदन में यह प्रस्ताव लाना पड़े कि तेजस्वी यादव विदेश में अंतरराष्ट्रीय विवाद सुलझाने में व्यस्त हैं, इसलिए विधानसभा नहीं आ पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस पर भी चर्चा होनी चाहिए कि नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारियां क्या हैं.


जेडीयू नेता ने तेजस्वी यादव के पिछले चुनावी दौरों पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव केरल में प्रचार करने गए तो अंग्रेजी में भाषण दिया और पश्चिम बंगाल में हिंदी में. अब उनका राजनीतिक “मार्केट” देश से निकलकर विदेश तक पहुंच गया है. उन्होंने यह टिप्पणी तंज के रूप में करते हुए तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर सवाल उठाए.


फिलहाल लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों की निगरानी जारी है. वहीं जेडीयू के इन बयानों पर आरजेडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.