Bihar Politics: मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग में चल रही जेडीयू विधायक दल की बैठक खत्म हो गई है। राज्यसभा सांसद और पार्टी के अध्यक्ष नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधानमंडल दल का नेता चुना जाना था लेकिन नेता का चुनाव नहीं हो सका और विधायकों ने नीतीश कुमार को विधानमंडल दल का नेता चुनने के लिए अधिकृत किया है। अब नीतीश कुमार विधानमंडल दल का नेता चुनेंगे।
बैठक खत्म होने के बाद जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि आज जेडीयू विधानमंडल कल की बैठक आयोजित की गई। जिसमें नीतीश कुमार को विधानमंडल में नेता चयन के लिए अधिकृत कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रस्ताव रखा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में किए गए काम और उसका सामाजिक प्रभाव, पार्टी के लिए नीतीश कुमार की तरफ से किए गए काम एवं पार्टी के संदर्भ में नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त करना, ये सारी प्रक्रिया पूरी हुई।
बैठक में मुंगेर सांसद ललन सिंह ने भी अपना मंतव्य दिया। उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव का भी मंतव्य आया। बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने पद जरूर छोड़ दिया है लेकिन दिल्ली में संसदीय कार्य के आलावा पूरा बिहार के विभिन्न इलाकों में घूमूंगा और विकास कार्यों की स्थिति का आकलन करूंगा। वहीं निशांत कुमार के बड़ी जिम्मेवारी दिए जाने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि निशांत कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं, इसमें कोई कंफ्यूजन नहीं है। पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा कि निशांत को पार्टी में क्या जिम्मेवारी सौंपी जाएगी।
बता दें कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सदस्य बन चुके हैं। उन्होंने 16 मार्च को हुए चुनाव में जीत दर्ज की और 10 अप्रैल को शपथ ली। 14 अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस बदलाव के साथ ही बिहार की राजनीति में करीब 20 साल लंबे नीतीश युग का अंत हो गया है।
नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद से जेडीयू विधानमंडल दल के नेता का पद खाली पड़ा है। विधानमंडल दल के नेता का चुनाव करने के लिए ही नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी लेकिन बैठक में नेता का चुनाव नहीं हो सका और विधायकों ने इसके लिए नीतीश कुमार को अधिकृत कर दिया।