Bihar Politics: बिहार में एनडीए की सरकार है. आम जनता-कार्यकर्ताओं की शिकायत सुनने को लेकर सभी घटक दलों की तरफ से जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित की जाती है. जिसमें सरकार के मंत्री शामिल होते हैं. भाजपा की तरफ से 'सहयोग' तो जनता दल (यू) की तरफ से जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित की जाती है. जेडीयू से जुड़ी बड़ी खबर है. पार्टी ने मंत्रियों के जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल होने वाले नेताओं की राजनीतिक दुकानदारी बंद कर दिया है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है. 

जनता दल यूनाईटेड ने राजनीतिक दुकानदारी चलाने वाले दलीय नेताओं पर शिकंजा कस दिया है. सोमवार से शुक्रवार तक पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम, जिसमें मंत्री शामिल होते हैं, उस पर पहरा लगा दिया गया है. इसके लिए नया गाइड लाइन बनाया गया है. ऐसा इसलिए ,क्यों की मैसेज गलत जा रहा था. जनसुनवाई कार्यक्रम में मंत्री पत्रकारों के सवालों का जवाब देते थे, फ्रेम में मंत्री के साथ एक नेता की भी तस्वीर निकलकर सामने आती थी. जिससे मंत्रियों के साथ पार्टी को भी नुकसान पहुंच रहा था. पार्टी के जानकार बताते हैं कि दल के एक खास नेता की वजह से ही नई व्यवस्था लागू करनी पड़ी है. 

बता दें, जनता दल (यू) की तरफ से आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम में एक से अधिक मंत्री शामिल होते हैं. मंत्रीगण कार्यकर्ताओं की शिकायत सुनकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हैं. एक तरफ मंत्रीगण बैठे होते हैं तो दूसरी तरफ कार्यकर्ता शिकायत लेकर रहते हैं. अब तक मंत्रीगण के अगल-बगल पार्टी संगठन से जुड़े नेता भी बैठते थे. बैठने पर मनाही नहीं थी. यह व्यवस्था 6 जुलाई 2026 तक जारी रही. इसके बाद पार्टी ने यह व्यवस्था बदल दिया है. अब मंत्रियों की जन सुनवाई कार्यक्रम में संगठन से जुड़ा कोई भी नेता मंच पर नहीं बैठ सकता. इसके लिए नियम बनाए गए हैं. मंत्रीगण के साथ चुनिंदा लोग ही बैठ सकते हैं. पार्टी का कोई विधायक-विधान पार्षद पहुंचे हैं, तब वे बगल में बैठ सकते हैं, अन्यथा कुर्सी खाली रहेगी. ऐसा नहीं कि प्रदेश का कोई महासचिव या सचिव मंत्री के बगल में जाकर बैठ जाए.यह व्यवस्था पूरी तरह से बदल दी गई है. 

जेडीयू ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है. 6 जुलाई को पार्टी के जनसुनवाई कार्यक्रम में मंत्री श्रवण कुमार और सुनील कुमार शामिल हुए थे. तब पार्टी के अन्य नेता साथ में बैठे हुए दिखे थे. उस दिन के बाद से नई व्यवस्था लागू की गई है. 7 जुलाई को जब मंत्री जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंचे तो जो नेता रोज-रोज दिख रहे थे, उनकी मनाही हो गई. 7 तारीख को डिप्टी सीएम विजय चौधरी पहुंचे. इस दौरान इनके साथ विधान पार्षद संजय गांधी दिखे, वैसा चेहरा जो प्रतिदिन की जनसुनवाई कार्यक्रम में दिखता था, गायब रहा. 8 जुलाई को मंत्री दामोदर रावत, रत्नेश सदा और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार मौजूद रहे. इस दौरान विधान पार्षद संजय गांधी और महिला विधान पार्षद मौजूद रहे. 9 जुलाई गुरूवार को जेडीयू के जनसुनवाई कार्यक्रम में मंत्री अशोक चौधरी,मदन सहनी मौजूद रहे, लेकिन पूर्व में अगल-बगल बैठने वाले नेताओं पर बैन था.