Bihar Politics: चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच महंगाई का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। चीनी के दाम में अचानक हुई बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच भाजपा नेता और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ ने महंगाई को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर चर्चा तेज हो गई है।
पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान चीनी की बढ़ती कीमतों पर सवाल पूछे जाने पर निरहुआ ने कहा कि अगर लोगों को महंगाई की चिंता है तो सबसे पहले जनसंख्या पर नियंत्रण करना चाहिए।
निरहुआ ने कहा कि महंगाई हमेशा से एक मुद्दा रही है। उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने होश संभाला है, तब से महंगाई बढ़ने की चर्चा सुनते आ रहे हैं। उनके मुताबिक, 1990 के दशक में भी महंगाई को लेकर इसी तरह की बातें होती थीं।
उन्होंने महंगाई बढ़ने की एक प्रमुख वजह जनसंख्या में बढ़ोतरी को बताया। निरहुआ के मुताबिक, संसाधन सीमित हैं, जबकि उनका इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है।
दरअसल, हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह के भीतर चीनी का खुदरा भाव 50 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है।
चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने भी कुछ कदम उठाए हैं। 1 अगस्त से 30 नवंबर तक चीनी डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक लिमिट लागू की गई है। वहीं, 1 सितंबर से बल्क उपभोक्ता अपनी 15 दिनों की जरूरत से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।
चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे घरेलू उत्पादन का अनुमान से कम रहना एक प्रमुख वजह बताई जा रही है। इसके अलावा त्योहारों से पहले मांग बढ़ने, मौसम की स्थिति और वैश्विक बाजार में चीनी की सीमित उपलब्धता का भी कीमतों पर असर माना जा रहा है।
इस बीच कुछ कारोबारियों पर जमाखोरी और कालाबाजारी के आरोप भी सामने आ रहे हैं। सरकार की ओर से ऐसे मामलों पर कार्रवाई और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। निरहुआ के बयान के बाद एक बार फिर महंगाई, चीनी की बढ़ती कीमत और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।