Bihar News: राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री करप्शन रोकने को लेकर लंबी-लंबी बातें करते हैं. खुद को भ्रष्टाचार रोकने वाला डॉक्टर बताते हैं. अंचलाधिकारियों को एंटिबायोटिक देकर ठीक करने की बात कई दफे कह चुके हैं. हालांकि अंचलाधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग में जिस तरह के खेल सामने आ रहे हैं, उससे विभागीय मंत्री की कथनी और करनी में फर्क साफ दिख रहा है. भ्रष्टाचार रोकने को लेकर मंत्री की थ्योरी पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं. सवाल उठ रहा है कि मंत्री दिलीप जायसवाल भ्रष्टाचार खत्म करने का इलाज कर रहे या करप्शन बढ़ाने का ?
सवालों के घेरे में राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल...
बिहार में अंचलाधिकारियों के स्थानांतरण-पदस्थापन पर विवाद खड़ा हो गया है. विवाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा स्थानांतरण आदेश बदलने से हुआ है. विवाद मंत्री दिलीप जायसवाल के बयानों से हुआ है. उदाहरण से समझिए..किस तरह से खेल किए जा रहे हैं. यह खेल अंचलों में करप्शन रोकने की थ्योरी देकर किया जा रहा है. एक तरफ मंत्री खुद को भ्रष्टाचार रोकने वाले स्वघोषित डॉक्टर बताते हैं, शिकायत मिलते ही तुरंत एंटिबायोटिक देने की बात करते हैं. दिखावे के लिए ऐसा किया भी जाता है. आरोप के बाद सीओ को हटा कर संटिंग पोस्ट दी जाती है, फिर चुपके से आरोपी अंचल अधिकारी को उसी पुराने अंचल में सीओ के रूप में ही पदस्थापित कर दिया जाता है.
पालीगंज सीओ महेश कुमार को 30 जून को हटाया गया
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 30 जून 2026 को अंचल अधिकारियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग किया. इनमें कई ऐसे सीओ थे, जिन पर गंभीर आरोप लगे. इनमें से एक पटना जिले के पालीगंज अंचल के सीओ महेश कुमार भी शामिल थे. राजस्व विभाग ने इन्हें पालीगंज अंचल अधिकारी के पद से हटाकर संटिंग में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी शिवहर के पद पर पदस्थापित कर दिया. इसके बाद भ्रष्टाचार खत्म करने वाले डॉक्टर सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने बड़ी घोषणा की. मीडिया में रिलीज जारी कर बताया कि आज 20 जुलाई को हमने कई अंचल अधिकारी व राजस्व सेवा से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. इनमें CO महेश कुमार का भी नाम शामिल था.
मंत्री ने सीओ के खिलाफ 20 जुलाई को आरोप पत्र गठित करने की मंजूरी दी
मंत्री दिलीप जायसवाल की तरफ से बताया गया था कि मैने आज (20 जुलाई) सीओ महेश कुमार के खिलाफ आरोप पत्र गठन की स्वीकृति दी है. मंत्री की तरफ से रिलीज जारी कर बताया गया था कि पालीगंज के तत्कालीन सीओ महेश कुमार इसके पहले बोधगया के अंचल अधिकारी थे. तत्कालीन अंचल अधिकारी, बोधगया एवं वर्तमान में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, शिवहर महेश कुमार (6 अगस्त तक) के विरुद्ध बीएलटी, पटना द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में स्पष्ट एवं अंतिम निर्णय पारित नहीं करने के आरोप में आरोप-पत्र गठित किया गया है।
मंत्री ने गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करने का किया था दावा....
सीओ महेश कुमार के खिलाफ आरोप पत्र गठित करने के बाद राजस्व मंत्री डॉ जायसवाल ने कहा था कि मेरे द्वारा अबतक 67 अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विभिन्न मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज में अनियमितता, सरकारी कार्यों में लापरवाही तथा अनुशासनहीनता जैसे मामले शामिल हैं। कार्रवाई का उद्देश्य राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करना है। तब मंत्री ने कहा था कि जनता के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
6 अगस्त को फिर से पालीगंज का सीओ बनाया गया...
पालीगंज के तत्कालीन सीओ महेश कुमार को 30 जून को हटाकर सबसे छोटे जिले में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया. इसके बाद 20 जुलाई को इनके खिलाफ आरोप पत्र गठित करने की मंजूरी मंत्री के द्वारा दी गई। इसके बाद देखिए...लापरवाही,गड़बड़ी रोकने पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले राजस्व एवं भूमि सुधार के मंत्री दिलीप जायसवाल के आदेश पर उसी अंचल अधिकारी को फिर से पुराने अंचल में पोस्टिंग दे दी गई. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 6 अगस्त को राजस्व सेवा के 20 अधिकारियों का स्थानांतरण-पदस्थापन किया. उसी लिस्ट में पालीगंज अंचल के सीओ पद से हटाये गए महेश कुमार को फिर से पालीगंज का अंचलाधिकारी बना दिया गया.