PATNA: बीजेपी एमएलसी नवल किशोर यादव ने बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर पर हमला बोला. कहा कि बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर शिक्षकों के हड़ताल पर नहीं बोले. उनका काम स्कूल चलाना है. वह बिहार नहीं चला रहे हैं. उनको हैसियत में बात करनी चाहिए. भारत का संविधान किसी को हैसियत से बाहर बोलने का इज्जात नहीं देता है. वह स्कूल चलाते हैं न की बिहार को चलाते हैं.
सरकार को करनी चाहिए बात
यादव ने कहा कि शिक्षकों के जो नेता हैं उनसे सरकार बात करें और यह जो हड़ताल है उसे समाप्त करें. शिक्षकों के जो 3 मांगे हैं पहला स्थानांतरण नीति दूसरा प्रमोशन और तीसरा समान काम समान वेतन कि जो मांग है उसे सरकार को पूरा करना ही चाहिए.
गरीब के बच्चों की पढ़ाई हो रही बाधित
यादव ने कहा कि शिक्षकों की अगर बात नहीं मानी गई तो हड़ताल जारी रहा तो गरीबों के बच्चे का ही नुकसान होगा. स्कूलों में अमीर नहीं गरीब के बच्चे पढ़ते हैं. उनकी कॉपी जांच नहीं हुई तो परेशानी बढ़ जाएगी. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर के सवाल पर नवल किशोर ने कहा कि कि वह अपनी हैसियत में बने रहे. विद्यालय समिति बिहार नहीं चलाते हैं बिहार' सरकार चलाती है. इसलिए वह अपने हैसियत में रहे और उनको कोई पूछता भी नहीं है. यादव आनंद किशोर के उस बयान पर भड़के थे जिसमें कहा गया था कि वह हड़ताल के दौरान भी कॉपी जांच करा लेंगे.