MADHYA PRADESH: मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार द्वारा समिति गठित किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का एक बयान चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण और यूसीसी को लेकर अपनी राय व्यक्त की है।


मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की तैयारियों के बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। राजधानी भोपाल से विधायक रामेश्वर शर्मा ने जनसंख्या वृद्धि और यूसीसी के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए समान नागरिक संहिता की आवश्यकता पर जोर दिया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि देश में जनसंख्या नियंत्रण और समान कानून व्यवस्था को लेकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से भी यूसीसी के समर्थन की अपील करते हुए कहा कि इस विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित में निर्णय लेने की जरूरत है।


उन्होंने दावा किया कि देश में बढ़ती आबादी और अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण कई सामाजिक चुनौतियां सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होने से न्याय व्यवस्था और सामाजिक संतुलन को मजबूती मिलेगी।इस बीच मध्य प्रदेश सरकार ने यूसीसी को लेकर एक समिति का गठन किया है। 


मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में कहा था कि समिति विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और कानूनी पक्षों से सुझाव प्राप्त कर रही है। इसके लिए एक वेबसाइट भी शुरू की गई है, जहां आम नागरिक अपने सुझाव दे सकते हैं। भाजपा विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है और यूसीसी को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है। वहीं विपक्षी दल इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रखते हैं, जिसके कारण राजनीतिक बहस लगातार जारी है।


गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति बंटवारे जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का प्रावधान होता है, चाहे उनका धर्म या समुदाय कोई भी हो। यूसीसी को लेकर देशभर में लंबे समय से चर्चा होती रही है और मध्य प्रदेश में इसके लागू होने की संभावनाओं के बीच यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है।