DELHI: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान रील बनाने और प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की भाजयुमो नेता मणिका राणा को पार्टी ने उनके पद से हटा दिया। पार्टी ने इसे संगठन विरोधी गतिविधि बताते हुए कार्रवाई की है।
वहीं, मणिका राणा ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है और उन्हें खुशी है कि आंदोलन की मुख्य मांग पूरी हुई।
जंतर-मंतर में रील बनाने के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान मणिका राणा वहां पहुंची थीं और आंदोलन स्थल पर रील बनाई थी। इसके बाद उनके आंदोलन में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई। मामले की पुष्टि होने पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने उन्हें नई टिहरी मंडल अध्यक्ष के पद से हटा दिया। पार्टी ने उनके स्थान पर शुभम नेगी को नई टिहरी मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया है।
पार्टी ने बताई कार्रवाई की वजह
भाजयुमो के जिलाध्यक्ष मनीष राणा ने बताया कि मणिका राणा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और पिछले कुछ समय से संगठनात्मक कार्यों में उदासीनता बरतने के कारण पदमुक्त किया गया है।
मणिका राणा ने क्या कहा?
पद से हटाए जाने के बाद मणिका राणा ने कहा कि उनका जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित है और यदि इसके लिए उन्हें अकेले भी खड़ा होना पड़े तो वह तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि वह देशभर के विद्यार्थियों और अपने बच्चों को खो चुके परिवारों की आवाज बन सकीं। उनके अनुसार आंदोलन की मुख्य मांग पूरी होना लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने देर से ही सही, लेकिन सही निर्णय लिया।
गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक महीने से अधिक समय से चल रहा अपना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। इसके बाद दिल्ली का प्रमुख प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर फिर से सामान्य स्थिति में लौट आया और वहां आम लोगों की आवाजाही बहाल हो गई।