Bihar News: परिवहन विभाग ने अपने अधिकारियों को जिला परिवहन पदाधिकारी या समकक्ष पद पर प्रमोशन दे दिया, पर आज तक पोस्टिंग नहीं दी. बिप्रसे के अफसरों से ही अधिकांश जिला को भर दिया गया है. विवश होकर परिवहन सेवा के अधिकारी पटना हाईकोर्ट पहुंच गए हैं. हाल ही में प्रमोशन पाकर डीटीओ बने दो अधिकारी उच्च न्यायालय पहुंचे हैं. 

पटना हाईकोर्ट पहुंचा मामला....

परिवहन सेवा के दो अधिकारी संतोष कुमार सिंह और दिव्य प्रकाश ने हाल ही में पटना हाईकोर्ट में सिविल रिट दायर किया है. जिसमें कहा गया है कि सरकार ने उन्हें डीटीओ के पद प्रमोशन तो दे दिया. लेकिन आज तक पोस्टिंग नहीं मिली. डीटीओ के अंडर में काम कराया जा रहा है. पटना उच्च न्यायालय में Case No- 12859 का 24 अगस्त को जस्टिस रितेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में उपस्थित हुए सरकारी वकील ने इस केस में काउंटर एविडेविट के लिए समय मांगा. इसके बाद कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के लिए अगली तारीख तय किया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को होगी. 


वर्तमान स्थिति जान कर चौंक जाएँगे.....

परिवहन विभाग ने 6 अप्रैल 2026 को परिवहन सेवा के 17 अफसरों को जिला परिवहन पदाधिकारी व समकक्ष पद पर प्रोन्नति दिया. इनमें 12 को एडीटीओ से डीटीओ में, जबकि पांच को मोटरयान निरीक्षक से जिला परिवहन पदाधिकारी में प्रोन्नति दी गई. जबकि, परिवहन विभाग विभागीय कैडर के 2 अधिकारी को पूर्व में ही डीटीओ के पद पर प्रोन्नति दे रखा है. वर्तमान में परिवहन विभाग के पास जिला परिवहन पदाधिकारी व समकक्ष स्तर के 19 विभागीय अधिकारी मौजूद हैं. इसके बाद भी स्थिति ऐसी है कि, 19 में 1 को छोड़ दें तो विभागीय कैडर वाले 18 डीटीओ वेटिंग फॉर पोस्टिंग हैं या फिर पुराने पोस्ट पर ही काम कर रहे.  

बिप्रसे के कितने अफसर बन सकते हैं डीटीओ..? 

परिवहन विभाग ने 29 जनवरी 2020 को अधिसूचना जारी किया. जिसके तहत परिवहन कैडर का गठन हुआ। विभाग के तत्कालीन सचिव संजय कुमार अग्रवाल के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में बिहार परिवहन सेवा का गठन ,भर्ती प्रक्रिया और सेवा शर्तों का उल्लेख है. परिवहन विभाग की अधिसूचना में जिक्र किया गया है कि जिला परिवहन पदाधिकारी के 17 पद, उप परिवहन आयुक्त का 1 पद एवं संयुक्त परिवहन आयुक्त का 2 पद पूर्व की तरह बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए रिजर्व रहेगा. 

परिवहन विभाग के पास 19 डीटीओ,फिर भी बिप्रसे के अधिकारियों का कब्जा

परिववहन विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए चिन्हित पदों को छोड़कर शेष पदों पर भी तब तक इस संवर्ग (बिप्रसे) के पदाधिकारियों से भरा जायेगा जब तक कि नियुक्ति या प्रोन्नति से परिवहन सेवा के अधिकारी पर्याप्त संख्या में न हो जाएं. यानि परिवहन विभाग ने तभी स्पष्ट कर दिया था कि, हमारे पास पर्याप्त संख्या में परिवहन सेवा के अधिकारी हो जाएंगे तब 17 पद को छोड़कर अन्य जिलों में विभागीय सेवा के अधिकारी की डीटीओ पद पर पोस्टिंग कर सकेंगे.  

वर्तमान में 37 जिलों में बिप्रसे के अफसरों का है कब्जा

परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में सूबे 31 जिलों में बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बतौर जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यरत्त हैं. इनमें 6 अफसरों को दूसरे जिले के डीटीओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इस तरह से सूबे के 38 जिलों में 37 पर बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का कब्जा है. सिर्फ एक जिला में बिहार परिवहन सेवा के अधिकारी बतौर डीटीओ पदस्थापित हैं.  

परिवहन सेवा वाले डीटीओ न घर के हैं न घाट के

बता दें, परिवहन सेवा के 17 अफसरों को डीटीओ व समकक्ष के रूप में चार महीने पहले ही प्रोन्नति दी गई। लेकिन आज तक नया जगह नहीं मिला. ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसे प्रमोशन से क्या फायदा..जब सभी को पुराने पद पर ही काम करना पड़े. नए जगह और नए पद पर पोस्टिंग नहीं होने का साइड-इफेक्ट ऐसा हुआ है कि उक्त पद पर दूसरे अधिकारी (एडीटीओ) की पोस्टिंग कर दी गई और उन्हें मुख्यालय में योगदान करने का आदेश जारी कर दिया गया.