Bihar News: परिवहन विभाग में अजब-गजब का खेल चल रहा है. अपने अधिकारियों को जिला परिवहन पदाधिकारी या समकक्ष पद पर प्रमोशन दे दिया, पर आज तक पोस्टिंग नहीं दी. प्रमोशन पाये अधिकारियों को वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखकर बि.प्र.से. के अफसरों से 37 जिला को भर दिया गया. अब इसके पीछे का राज क्या है..यह तो सरकार ही बता सकती है. इधर, सरकार की प्रताड़ना से तंग डीटीओ रैंक के अधिकारी पटना हाईकोर्ट पहुंच गए. इसके बाद न्यायालय ने 28 सितंबर के अपने आदेश में परिवहन सेवा के प्रोन्नत डीटीओ को उचित पद पर पदस्थापन के लिए पंद्रह दिनों की मोहलत दी है. 


पटना हाईकोर्ट ने परिवहन सचिव को दिया आदेश 

पटना हाईकोर्ट के JUSTICE KUMAR MANISH की बेंच ने 28 सितंबर को अपना फैसला सुनाया है. ऑर्डर में कहा गया है कि प्रतिवादी संख्या 3 (परिवहन सचिव) द्वारा पारित किया जाने वाला अंतिम आदेश तर्कसंगत और स्पष्ट होना चाहिए, जिसमें पी.के. चिन्नसामी (उपरोक्त) मामले में निर्धारित कानून को ध्यान में रखा जाए और याचिकाकर्ता को सुनवाई की स्वतंत्रता भी प्रदान की जानी चाहिए।


15 दिनों में पदस्थापन करें- हाईकोर्ट 

पटना हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी संख्या 3 (परिवहन सचिव) इस निष्कर्ष पर पहुँचते है कि याचिकाकर्ता ने अपने अभ्यावेदन के माध्यम से मांगी गई राहत का हकदार है, तो वह राहत याचिकाकर्ता को प्रदान की जानी चाहिए। कोर्ट ने अपने आदेश में आगे लिखा है कि याचिकाकर्ता (संजय अश्क नवप्रोन्नत डीटीओ) के अभ्यावेदन पर अंतिम आदेश पारित होने के दो सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को उपयुक्त पदस्थापन दें. इस तरह से पटना हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग के सचिव को नवप्रोन्नत डीटीओ व समकक्ष स्तर के अधिकारियों की पोस्टिंग के लिए 15 दिनों का समय तय कर दिया है. 


16 अप्रैल 2026 को 17 अफसरों को डीटीओ में मिली थी प्रोन्नति

बता दें, परिवहन विभाग ने 6 अप्रैल 2026 को परिवहन सेवा के 17 अफसरों को जिला परिवहन पदाधिकारी व समकक्ष पद पर प्रोन्नति दिया था. इनमें 12 को एडीटीओ से डीटीओ में, जबकि पांच को मोटरयान निरीक्षक से जिला परिवहन पदाधिकारी में प्रोन्नति दी गई. जबकि, परिवहन विभाग विभागीय कैडर के 2 अधिकारी को पूर्व में ही डीटीओ के पद पर प्रोन्नति दे रखा है. वर्तमान में परिवहन विभाग के पास जिला परिवहन पदाधिकारी व समकक्ष स्तर के 19 विभागीय अधिकारी मौजूद हैं. इसके बाद भी स्थिति ऐसी है कि, 19 में 1 को छोड़ दें तो विभागीय कैडर वाले 18 डीटीओ वेटिंग फॉर पोस्टिंग हैं .   

बिप्रसे के कितने अफसर बन सकते हैं डीटीओ..? 

परिवहन विभाग ने 29 जनवरी 2020 को अधिसूचना जारी किया था. जिसके तहत परिवहन कैडर का गठन हुआ। विभाग के तत्कालीन सचिव संजय कुमार अग्रवाल के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में बिहार परिवहन सेवा का गठन ,भर्ती प्रक्रिया और सेवा शर्तों का उल्लेख है. परिवहन विभाग की अधिसूचना में जिक्र किया गया है कि जिला परिवहन पदाधिकारी के 17 पद, उप परिवहन आयुक्त का 1 पद एवं संयुक्त परिवहन आयुक्त का 2 पद पूर्व की तरह बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए रिजर्व रहेगा. 

परिववहन विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए चिन्हित पदों को छोड़कर शेष पदों पर भी तब तक इस संवर्ग (बिप्रसे) के पदाधिकारियों से भरा जायेगा जब तक कि नियुक्ति या प्रोन्नति से परिवहन सेवा के अधिकारी पर्याप्त संख्या में न हो जाएं. यानि परिवहन विभाग ने तभी स्पष्ट कर दिया था कि, हमारे पास पर्याप्त संख्या में परिवहन सेवा के अधिकारी हो जाएंगे तब 17 पद को छोड़कर अन्य जिलों में विभागीय सेवा के अधिकारी की डीटीओ पद पर पोस्टिंग कर सकेंगे.   

वर्तमान में 37 जिलों पर बिप्रसे के अफसरों का है कब्जा

परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में सूबे 31 जिलों में बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बतौर जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यरत्त हैं. इनमें 6 अफसरों को दूसरे जिले के डीटीओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इस तरह से सूबे के 38 जिलों में 37 पर बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का कब्जा है. सिर्फ एक जिला में बिहार परिवहन सेवा के अधिकारी बतौर डीटीओ पदस्थापित हैं.  

परिवहन सेवा वाले डीटीओ न घर के हैं न घाट के

बता दें, परिवहन सेवा के 17 अफसरों को डीटीओ व समकक्ष के रूप में पांच महीने पहले ही प्रोन्नति दी गई। लेकिन आज तक नया जगह नहीं मिला. ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसे प्रमोशन से क्या फायदा..जब सभी को पुराने पद पर ही काम करना पड़े.