Bihar Transport: बिहार में अभी भी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से जिला परिवहन पदाधिकारी का पद भरा जा रहा है. जबकि इस पद के लिए विभागीय तकनीकी सेवा के अधिकारियों की भरपूर मौजूदगी है. इसके बाद भी प्रशासनिक पदाधिकारियों से जिला परिवहन पदाधिकारियों से महत्वपूर्ण ड्यूटी ली जा रही है. हाल ही में सरकार ने 15 जिलों में बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को डीटीओ के पद पर पोस्टिंग दी है. हालांकि कई राज्यों ने परिवहन सेवा के अधिकारी जिन्हें प्रमोट कर डीटीओ या क्षेत्रीय परिवहन पदाधिकारी बनाया गया, जो तकनीकी रूप से दक्ष हैं, उनकी मौजूदगी के बाद प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सेवा को वापस किया है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सेवा वापस कर दी....
छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन मंत्रालय ने 5 मार्च 2024 को पत्र जारी किया. जिसमें कहा गया कि, परिवहन विभाग में कार्यरत्त सहायक परिवहन अधिकारी से क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पद पर प्रोन्नति के बाद परिवहन विभाग के अंतर्गत प्रशासनिक सेवा से पदस्थ सात अधिकारी जो क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी/जिला परिवहन अधिकारी हैं, इनकी सेवा सामान्य प्रशासन विभाग को वापस की जाती है.
परिवहन सेवा के डीटीओ स्तर के अफसरों की अब कहां होगी पोस्टिंग ?
बिहार सरकार ने पिछले दिनों बिहार प्रशासनिक सेवा के 15 अधिकारियों को जिलों में जिला परिवहन पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित किया है. बिप्रसे के कई अधिकारी पूर्व से ही विभिन्न जिलों में डीटीओ के पद पर पदस्थापित हैं. अधिकांश खाली जिलों में बिप्रसे के पदाधिकारियों को डीटीओ बनाए जाने से परिवहन सेवा से प्रोन्नत होकर डीटीओ बने अधिकारियों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. इन अधिकारियों की पोस्टिंग कहां होगी, परिवहन विभाग में जिलास्तर का उच्चतर पद बिप्रसे के अधिकारियों से ही भर गया. ऐसे में परिवहन सेवा के प्रोन्नत अफसर कहां जाएंगे, क्या इन्हें एडीटीओ के पद पर ही बनाये रखा जाएगा ? अगर एडीटीओ में ही बनाये रखना था तो फिर सभी का प्रमोशन ही क्यों दिया गया ? ये तमाम सवाल हैं.
परिवहन विभाग ने 30 जून तक नहीं किया स्थानांतरण-पदस्थापन
दरअसल, परिवहन विभाग जून महीने में प्रोन्नत डीटीओ का स्थानांतरण करना चाहता था. लेकिन मामला उलझ गया. 30 जून तक स्थानांतरण नहीं होने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग की फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंच गया. नतीजा यह हुआ कि परिवहन सेवा के प्रोन्नत डीटीओ का ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं हो पाया . बताया जाता है कि परिवहन मंत्री उन जिलों के डीटीओ का भी स्थानांतरण करना चाहते थे, जिनका कार्यकाल पूर्ण नहीं हुआ था. विभागीय जानकार बताते हैं कि मंत्री स्तर से 2-3 जिलों में पदस्थापित डीटीओ जिनका पदस्थापन अवधि 1-2 वर्ष ही हुआ था, उन्हें हटाकर दूसरे अफसर को लाना चाहते थे, जो विभागीय नियम के प्रतिकूल था. इसी बिंदु पर बात नहीं बनी और फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंच गई।
बिप्रसे के अफसरों की डीटीओ में पोस्टिंग
बता दें, सामान्य प्रशासन विभाग ने 12 जुलाई को 12 जिलों में बिप्रसे के अधिकारियों को डीटीओ बनाया है. 10 जुलाई को भी पूर्णिया और मधेपुरा में बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को परिवहन अधिकारी बनाया गया था.
12 जुलाई को बिहार प्रशासनिक सेवा के जिन 12 अधिकारियों को डीटीओ बनाया गया है, उनमें मसौढी की डीसीएलआर कोमल किरण हैं, इन्हें जिला परिवहन अधिकारी किशनगंज के पद पर पदस्थापित किया गया है. अमित राज को जिला परिवहन पदाधिकारी पश्चिम चंपारण,डेजी रानी को जिला परिवहन पदाधिकारी कटिहार, वीरेंद्र कुमार को जिला परिवहनअधिकारी, जहानाबाद,निशांत कुमार को जिला परिवहन अधिकारी, सीतामढ़ी, प्रवीण कुमार जिला परिवहन अधिकारी समस्तीपुर, प्रशांत रमानिया को जिला परिवहन अधिकारी, बक्सर, आलोक चंद्र चौधरी को जिला परिवहन अधिकारी, प्रियंका सिन्हा को जिला परिवहन अधिकारी, मुजफ्फरपुर, रंजीत कुमार को जिला परिवहन अधिकारी, नवादा, ललित राही को जिला परिवहन अधिकारी औरंगाबाद और निकिता कुमारी को जिला परिवहन पदाधिकारी अरवल बनाया गया है.