Bihar Assembly Monsoon Session: बिहार विधानसभा के तीसरे दिन की कार्यवाही के दौरान सत्ताधारी पक्ष के विधायक ने बिहार में जर्जर ग्रामीण सड़कों का मुद्दा उठाया और अपनी ही सरकार से सवाल पूछ दिए। जिसके बाद विभागीय मंत्री को सदन में जवाब देना पड़ा। इस दौरान मंत्री ने सदन को बताया कि वैसी सड़कें या पुल-पुलिया जिसका उद्घाटन खुद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या अन्य मंत्री और विधायक ने किया था और उनके टेंडर को रद्द किया गया था, उसका निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
कल्याणपुर से बीजेपी विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान राज्य की जर्जर हो चुकी ग्रामीण सड़कों का मुद्दा उठाया। उन्होंने अपनी ही सरकार से सवाल पूछा कि बड़े बड़े पैकेज में काम का टेंडर कर दिया गया, दो साल बीत जाने के बाद भी महज 10-15 प्रतिशत ही काम हो सका है। क्या छोटे-छोटे पैकेज में दो तीन रोड का टेंडर कर काम को पूरा नहीं किया जा सकता है।
सत्ताधारी दल के विधायक के सवाल का जवाब देते हुए ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार ने सदन को बताया कि बड़े पैकजों के बारे में सदस्य ने जो चिंता जताई है कि मुख्यमंत्री के स्तर से इसपर निर्णय लिया जा चुका है कि 50 करोड़ से ऊपर के ऐसे कोई भी पैकेज नहीं होंगे ताकी बिहार के जो संवेदक हैं उन्हें काम मिल सके।
मंत्री ने कहा कि इस निर्णय के बाद एक भी ऐसा पैकेज नहीं दिया गया है और अब छोटे छोटे रोड टेंडर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भविष्य में कोई भी बड़ा पैकेज आरडब्लूडी के द्वारा कोई भी टेंडर नहीं निकाला जाएगा। वहीं आरआरएसएम की जो योजनाएं हैं, धीरे धीरे हमें राशि उपलब्ध हो रही है और उसे हम पूरा करेंगे।
मंत्री सुनील कुमार ने सदन को बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या अन्य कोई भी मंत्री या विधायक द्वारा जो भी शिलान्यास किए गए हैं, अगर बड़े पैकेज की वजह से कोई रद्द हुआ है तो राशि की उपलब्धता के आधार पर उसे पूरा करेंगे। ऐसा कोई भी रोड या पुल पुलिया नहीं होगा, जो तत्कालीन मुख्यमंत्री या मंत्री-विधायक ने जो शिलान्यास किया था, उनका निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।