Bihar Politics: निर्दलीय एमएलसी राहुल राज और बंशीधर बृजवासी को लेकर बिहार की राजनीति में नया सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। दोनों निर्दलीय की सदस्यता पर बीजेपी में ही संशय की स्थिति है। एक तरफ बीजेपी कह रही है कि दोनों विधान पार्षदों ने पार्टी की सदस्यता नहीं ली है, बल्कि अपना समर्थन दिया है। तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी कोटे से मंत्री लखेन्द्र पासवान ने कहा है कि दोनों निर्दलीय एमएलसी ने बीजेपी ज्वाइन किया हैं वह उसके साक्षी हैं।





दरअसल, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले बंशीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित राहुल राज के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बीच अब पार्टी नेताओं में इसको लेकर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। 





एक तरफ अरवल विधायक मनोज शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखते हुए कहा कि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनकर आए विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित राहुल राज ने भाजपा को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और एनडीए के वरिष्ठ एवं सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार के नेतृत्व में जताया गया है।





वहीं विवाद बढ़ने के बाद भाजपा के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने भी दोनों विधान पार्षदों के समर्थन को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि नव निर्वाचित एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज एनडीए तथा भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन दे रहे हैं। हालांकि बीजेपी की सफाई को बीजेपी कोटे से बिहार सरकार में मंत्री लखेन्द्र पासवान ने नकार दिया है।





बीजेपी विधायक और बिहार सरकार के मंत्री लखेन्द्र पासवान ने कहा कि दोनों निर्दलीय एमएलसी ने बीजेपी ज्वाइन किया हैं वह उसके साक्षी हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव कोशिश कर रहे थे कि दोनों निर्दलीय एमएलसी आरजेडी में मिल जाएं लेकिन दोनों ने सोचा कि जिनके वोट से जीते हैं उनका काम सरकार में रहकर ही कर सकते हैं, इसलिए शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए दोनों ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है।

रिपोर्ट- साहिल कुमार, पटना