Politics On BPSC Exam: बिहार में 70वीं बीपीएससी परीक्षा को लेकर खूब सियासत हो रही है। खुद को बीपीएससी अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा हिमायती बताने की जैसे होड़ ही मच गई है। विपक्षी दल अपने अपने तरीके से परीक्षा को रद्द कराने की मांग कर रहे हैं। खासकर प्रशांत किशोर और पप्पू यादव बीपीएससी के मुद्दे पर एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी बन गए हैं। खगड़िया पहुंचे पप्पू यादव पीके का नाम सुनते ही भड़क गए और खूब सुनाया।
दरअसल, बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) 70वीं पीटी परीक्षा को लेकर जारी सियासी संग्राम के बीच हर कोई खुद को अभ्यर्थियों का हिमायती बताने में जुटा हुआ है। एक तरफ प्रशांत किशोर गांधी मैदान में आमरण अनशन कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ पूर्णिया सांसद पप्प यादव आंदोलन कर रहे हैं। पटना में रेल चक्का जाम करने के बाद पप्पू यादव बिहार बंद करने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान पप्पू यादव प्रशांत किशोर पर लगातार हमले बोल रहे हैं।
खगड़िया पहुंचे पप्पू यादव से जब मीडियाकर्मियों ने प्रशांत किशोर के आमरण अनशन से जुड़ा सवाल पूछा कोतो वह भड़क गए और पीके को खूब सुनाया। पप्पू यादव ने कहा कि परीक्षा के 16-17 दिनों बाद आंदोलन को हाईजैक करने वाले व्यक्ति के बारे में आप क्यों सवाल पूछते हैं। जिसको राजनीति से कोई मतलब नहीं है और जो हर चीज में कारपोरेट देखता है, वैसे लोगों की क्या बात करते हैं?
पप्पू यादव ने कहा कि सरकार कहती है कि हम जेपी आंदोलन के हैं और सरकार इसपर गंभीर भी नहीं है। पांच सौ से हजार करोड़ की प्रैक्टिस है, कोई बोलने को भी तैयार नहीं है। आप 15-16 दिन के बाद औपचारिकता नहीं निभा सकते हैं। हमने कपिल सिब्बल से बात किया है। इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे और जरुरत पड़ी तो 12 जनवरी को बिहार बंद भी करेंगे।
रिपोर्ट- अनिश कुमार, खगड़िया