PATNA: राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व कार्यों की समीक्षा के बारहवें दिन दरभंगा एवं शेखपुरा जिले के राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य के अंतिम व्यक्ति तक ऑनलाइन राजस्व सेवाओं की पहुंच को आसान और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक पंचायत में कंप्यूटर ऑपरेटर सह क्लर्क की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को राजस्व संबंधी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ अपने पंचायत स्तर पर ही आसानी से मिल सकेगा।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजस्व कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए विभाग द्वारा 8054 राजस्व कर्मचारियों की बहाली का प्रस्ताव राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अतिक्रमण वाद, लोक शिकायत तथा अन्य राजस्व मामलों के निष्पादन में और तेजी आएगी। समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को कानून के अनुरूप त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए लंबित मामलों के निपटारे का निर्देश दिया गया।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यशैली में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिनों बाद जिलों की पुनः बारी-बारी से समीक्षा की जाएगी। जिन जिलों अथवा अधिकारियों के कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं मिलेगा, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। मंत्री ने अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने, सरकारी भूमि की सुरक्षा, दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, राजस्व महा-अभियान, लोक शिकायत, सहयोग शिविर तथा आरसीएमएस न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में विभाग के सचिव श्री जय सिंह ने भी लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा निर्धारित समय-सीमा के अनुपालन पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान रैंकिंग, म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, राजस्व महा-अभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविर, किसान पंजीकरण तथा आरसीएमएस के विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी अधिकारियों को ऑनलाइन व्यवस्था को पूरी तरह लागू करते हुए पारदर्शी एवं जवाबदेह कार्य संस्कृति विकसित करने का निर्देश दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचलाधिकारी शामिल हुए। राजस्व मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग की सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी, विशेष सचिव श्रीमती इनायत खान, अपर सचिव श्री प्रशांत सीएच, अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की टीम उपस्थित रही।