Bihar News: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने इशारों ही इशारों में अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता,पूर्व डिप्टी सीएम व पूर्व राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के कार्यकाल पर सवाल खड़े कर दिए। मीडिया से बातचीत में दिलीप जायसवाल ने साफ किया कि उन्हें चरमराई हुई स्थिति में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का प्रभार लेने का मौका मिला. इतना नहीं उन्होंने कहा कि ''बोखार एके बार में उतार दीजिएगा तो रोगिये मर जाएगा, जैसे पहले हुआ...।'' हम धीरे-धीरे बुखार को उतार रहे हैं.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर बोलते हुए कहा कि पहले मंत्री और मंत्रालय को ईमानदार होना होगा. राजस्व विभाग पर सबसे अधिक करप्शन का आरोप लगते आ रहे हैं. करप्शन पर नकेल कसना हमलोगों की जिम्मेदारी है. नकेल कैसे कसा जायेगा ? मंत्री की कलम की ताकत से, मंत्री के कलम की ताकत बहुत होती है. मंत्री को ईमानदार होना जरूरी है, मंत्रालय को ईमानदार होना जरूरी है. मंत्री और मंत्रालय ईमानदार होगा, तभr आप नीचे में किसी को सुधार सकते हैं. इसलिए पहले मंत्री और मंत्रालय को सुधार का प्रयास किया. इसके बाद अब नीचे में सुधार किया जा रहा है.
दिलीप जायसवाल से पूछा गया कि लाख कोशिश के बाद भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से भ्रष्टाचार रूकने का नाम नहीं ले रहा. इस पर उन्होंने कहा कि जब बुखार होता है,तब लोग एटिबायोटिक लेते हैं. इसके बाद धीरे धीरे बुखार उतरता है. एके बार में बुखार उतार दीजियेगा तो रोगिए मर जायेगा.....जो हुआ. इनका इशारा पूर्व राजस्व मंत्री विजय सिन्हा के कार्यकाल की तरफ था. पूर्व डिप्टी सीएम ने जब करप्शन पर सख्त प्रहार किया तो अंचलाधिकारी से लेकर राजस्व कर्मचारी तक हड़ताल पर चले गए थे.
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि कैंसर की तरह भ्रष्टाचार समा गया है. इसका इलाज उसी एटिबायोटिक से होगा. इलाज कैसे होगा, आप (पत्रकार) तो नहीं समझाइएगा ? चूंकि मैं इसका डॉक्टर हूं. मैने अपने हिसाब से इलाज शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि मंत्री बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती दो -ढाई महीने से जारी हड़ताल में जो लाखो आवेदन पेंडिंग हो गए थे, उसके निबटारे का था. इस पर काम जारी है. हमें चरमराई हुई स्थिति में विभाग का प्रभार लेने का मौका मिला.