Bihar railway news : बिहार के गया जंक्शन पर 45 दिनों का मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनें रद्द व रूट डायवर्ट; 21 मार्च तक असर Bihar Bhumi: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बिहार सरकार सख्त, 30 साल पुराना कब्जा भी नहीं होगा मान्य BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में चौथे चरण में 44 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, फरवरी अंत या मार्च में आ सकता है विज्ञापन Bihar Hospitals Notice : बिहार में 400 अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी, BSPCB का नोटिस जारी; जानिए क्या है वजह Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत; तेजस्वी यादव भी आज रखेंगे अपनी बात Bihar weather :फरवरी में बिहार का बदला-बदला मौसम, दिन में गर्मी तो रात में ठंड, IMD ने जताई और गिरावट की संभावना मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप
21-Aug-2025 12:41 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Politics: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए सरकार सभी वर्गों और समुदाय के लोगों को खुश करने की कोशिश कर रही है। पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री एक के बाद एक बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। इस बीच अल्पसंख्यक समुदाय को भी साधने की कोशिश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से की गई है। चुनाव से पहले पटना में गुरुवार को मदरसा शिक्षा बोर्ड का शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। चुनाव से पहले इस शताब्दी समारोह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
दरअसल, बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजधानी पटना में शताब्दी समारोह का आयोजन भव्य रूप से किया गया। समारोह बापू सभागार और श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। मुख्यमंत्री ने मंच से समारोह का उद्घाटन किया और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि बिहार मदरसा बोर्ड ने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद ही राज्य में मुस्लिम समाज के लिए ठोस काम शुरू हुए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय मुस्लिम समुदाय की उपेक्षा होती थी। नीतीश ने दावा किया कि 2005 में एनडीए सरकार बनने के बाद से ही कार्बिस्तान की घेराबंदी, अंतिम संस्कार की सुविधा, और महिलाओं को आर्थिक सहायता जैसे कार्य शुरू किए गए।
उन्होंने कहा कि वैसी मुस्लिम महिलाएं, जिन्हें उनके पति ने छोड़ दिया, उन्हें हमने 24 हजार रुपये की सहायता देना शुरू किया। अब किसी को मत छोड़िएगा। खासकर लड़कियों के साथ ऐसा मत करिए, उन्हें बहुत दिक्कत होती है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपनी सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वृद्धा पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 की गई है। इसके अलावा 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने की योजना और 430 नई योजनाओं की मंजूरी का भी जिक्र किया। सीएम ने बताया कि उन्होंने प्रगति यात्रा के दौरान जो कमियां देखीं, उन्हें दूर कराने का निर्देश दिया है। समारोह के दौरान नीतीश कुमार ने खुद लोगों से ज्ञापन भी प्राप्त किया और उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
सियासी जानकारों की मानें तो यह शताब्दी समारोह केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं, बल्कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र राजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद अहम माना जा रहा है। मुस्लिम समाज की बड़ी भागीदारी के साथ यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।