Bihar News: बिहार में अनुमंडल स्तरीय अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष को लेकर सरकार ने नया गाइडलाइन जारी किया है. कौन विधायक समिति के अध्यक्ष होंगे, इसे लेकर अनुमंडल पदाधिकारियों को पत्र भेजा गया है. 

अपर मुख्य सचिव ने जारी किया गाइड लाइन

योजना एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. जिसमें योजनाओं की समीक्षा के लिए अनुमंडल स्तर पर अनुमंडल अनुश्रवण समिति के गठन के संबंध में जानकारी दी गई है . योजना एवं विकास विभाग के पत्र में कहा गया है कि सरकार की योजनाओं के अनुश्रवण की व्यवस्था की गई है. इसके लिए अनुमंडल स्तर पर समिति गठित है. इस समिति के अध्यक्ष के चयन को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई थी. 

सबसे सीनियर विधायक बनेंगे अध्यक्ष

अनुमंडल स्तर पर गठित अनुश्रवण समिति की संरचना क्या होगी, इस संबंध में योजना एवं विकास विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं. अनुमंडल से चुने गए विधानसभा का कोई एक सदस्य अनुमंडल अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष होंगे. अध्यक्ष के नामांकन को लेकर मापदंड तय किया गया है . अध्यक्ष का चयन अनुमंडल के विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित सदस्यों में से वरीयता के आधार पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष इस कमेटी का अध्यक्ष नहीं बनेंगे. हालांकि इनके द्वारा मनोनीत प्रतिनिधि संबंधित अनुमंडल अनुश्रवण समिति की बैठक में भाग ले सकेंगे . 

खास अनुमंडलों में विधान पार्षद बनेंगे अध्यक्ष

विधायकों की वरीयता का निर्धारण सदस्यों के विधानसभा की सदस्यता अवधि (निर्वाचित होने की संख्या) के आधार मानते हुए किया जाएगा. यदि इस आधार पर एक से अधिक विधायक अध्यक्ष के योग्य हों,तब ऐसी स्थिति में जो विधायक सबसे अधिक उम्र के होंगे, अध्यक्ष मनोनीत किया जाएगा. बिहार विधानसभा के वैसे सदस्य जो दो या दो से अधिक अनुमंडलों के अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष के रूप में मनोनीत होने योग्य हों, तब उन्हें अपने विधानसभा के कार्य क्षेत्र वाले अनुमंडल के अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया जाएगा . शेष अनुमंडल के अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष का मनोनयन दूसरे-तीसरे वरीयता प्राप्त सदस्यों में से किया जाएगा. वैसा अनुमंडल जहां एक ही विधायक हों और वे मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष हैं,तब इस स्थिति में बिहार सरकार बिहार विधान परिषद सदस्य को अध्यक्ष के रूप में नामित करेगी. 

अनुमंडल अनश्रवण समिति के सदस्य के रूप में सभी विधायक जिनका निर्वाचन क्षेत्र उस अनुमंडल में है, नामित होंगे.  विधान परिषद के निर्वाचित सदस्य जिनका निर्वाचन क्षेत्र कई जिलों में विस्तारित है, वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के जिलों के सभी अनुमंडल अनुश्रवण समिति के सदस्य होंगे. विधान परिषद के मनोनीत और विधानसभा से निर्वाचित सदस्य, जिनका निर्वाचन क्षेत्र विस्तारित नहीं है, वह चयनित जिला के अनुमंडल अनुश्रण समिति के सदस्य होंगे .

स्थाई सदस्य के रूप में संबंधित जिला के उप विकास आयुक्त, जिला योजना पदाधिकारी, सभी अनुमंडल के संबंधित स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के कार्यपालक अभियंता,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी,अनुमंडल स्तरीय सभी पदाधिकारी, संबंधित क्षेत्र के नगर पंचायत, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी होंगे. विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भाग लेंगे. संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है .

समिति की बैठक हर वर्ष कम से कम तीन बार आयोजित की जाएगी. बैठक में लिए गए निर्णय से संबंधित जिलों के डीएम को जानकारी दी जाएगी. जिलाधिकारी इसका रिपोर्ट योजना एवं विकास विभाग को भेजेंगे.