Bihar News: बिहार सरकार ने अधिकारियों के विदेश दौरे पर रोक लगा दी है. फिलहाल यह रोक छह महीने के लिए लगाई गई है. सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में सभी विभागों के सचिव,कमिश्नर और जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है. सरकार ने यह निर्णय वित्तीय अनुशासन बनाये रखने को लेकर लिया है.
अफसरों के विदेश यात्रा पर लगी रोक
सम्राट सरकार के मुख्य सचिव के पत्र में कहा गया है कि सरकारी खर्चे पर अधिकारियों की विदेश यात्रा पर अगले छह महीने के लिए सामान्यतः रोक रहेगी. आज 26 मई जो मुख्य सचिव ने यह आदेश जारी किया है.
अब बिहार भ्रमण करेंगे सरकारी अधिकारी
सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस बी. राजेंदर ने 25 मई को ही सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, डीएम, एसपी और विभागीय प्रमुखों को इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किेये हैं. इसके तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हर तीन महीने में कम से कम एक बार शुक्रवार और शनिवार को किसी पर्यटन स्थल पर बिताना होगा। इस दो दिवसीय प्रवास की अवधि को 'ऑन ड्यूटी' (कर्तव्य पर बिताई गई अवधि) माना जाएगा।
बिहार दर्शन' योजना के तहत क्या होंगे नियम?
- अधिकारियों और कर्मियों को अपने गृह जिले को छोड़कर राज्य के किसी अन्य जिले के पर्यटन स्थल पर जाना होगा। यात्रा के दौरान अधिकारियों को आसपास के कम से कम तीन पर्यटन स्थलों का भ्रमण और वहां नाइट स्टे जरूरी है। दो दिवसीय प्रवास के दौरान बिहार के अधिकारी कोई भी समीक्षा बैठक या अन्य सरकारी कार्य नहीं करेंगे। यात्रा के लिए सरकार केवल तय टीए-डीए (TA-DA) देगी, जबकि परिवार का बाकी खर्च संबंधित कर्मी को उठाना होगा।
- इस यात्रा का उद्देश्य केवल रिफ्रेशिमेंट नहीं बल्कि व्यवस्थाओं का मुआयना करना भी है। भ्रमण पूरा होने के बाद सभी कर्मियों को वहां की तस्वीरें, स्थल से जुड़ी अहम जानकारियां, अपना अनुभव और सुधार के सुझावों की एक समेकित रिपोर्ट सौंपनी होगी। ये रिपोर्ट जिलों में डीएम को, प्रमंडल में प्रमंडलीय आयुक्त को और सचिवालय में विभागीय अधिकारी को दी जाएगी। इन सुझावों को इकट्ठा करने के लिए कार्यालयों में अलग से नोडल अफसर अपॉइंट किए जाएंगे।
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