Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले अंचलाधिकारी महेंन्द्र शुक्ल और राजस्व अधिकारी करूण करण की गिरफ्तारी के बाद बिहार के अंचलाधिकारी बेचैन हो उठे हैं. बेचैनी की वजह अंचल स्तर पर हो रही गड़बड़ी और भू माफियाओं से सांठगांठ पर सरकार का प्रहार है. शासन ने जब सख्ती बरती तो एक बार फिर से अंचल अधिकारी हड़ताल पर जाने की धमकी देने लगे हैं. अंचलाधिकारियों का संघ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को पत्र लिखकर अल्टीमेटम दिय़ा है.
संघ ने कहा है कि राजस्व सेवा के दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी विधिक प्रक्रिया के विपरीत जाकर की गई है. इससे राजस्व सेवा संघ मर्माहत है. दोनों की गिरफ्तारी ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि राजस्व सेवा के पदाधिकारी अपने पदीय दायित्व का निर्वहन निर्भीक होकर कैसे करेंगे?
संघ ने मुजफ्फरपुर के एसएसपी व अन्य पुलिस पदाधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं. सचिव को लिखे पत्र में संघ ने कहा है कि सोमवार 12 अक्टूबर तक इस विषय में विभाग द्वारा ठोस व लिखित पहल नहीं की जाती है, तो राजस्व सेवा के सभी सीओ-राजस्व अधिकारी पूरे बिहार में अपने आधिकारिक डोंगल का उपयोग करना बंद कर देंगे. म्यूटेशन, परिमार्जन, प्लस, तथा डोंगल के माध्यम से होने वाले राजस्व कार्य बंद कर दिए जाएंगे. यह निर्णय हमलोगों की सुरक्षा,सम्मान, एवं निर्भीक कार्य परिवेश सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिय जाएगा.
बता दें, मुजफ्फरपुर में मुशहरी अंचल के सीओ (अंचलाधिकारी) और आरओ (राजस्व पदाधिकारी) को भूमाफिया से सांठगांठ रख काली कमाई का लालच महंगा पड़ा है। मुशहरी के निलंबित अंचल अधिकारी (सीओ) महेंद्र शुक्ला और राजस्व अधिकारी (आरओ) करुण कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनपर भू-माफिया से मिलीभगत कर फर्जी केवाला से जमीन का दाखिल-खारिज करने का आरोप है। सीओ सहित आठ के खिलाफ सहबाजपुर के एक रिटायर्ड अवर सचिव विजय कुमार ने अहियापुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी के बाद दोनों से वरीय अधिकारियों ने गहन पूछताछ की गई। इस मामले में चिराग पासवान की पार्टी लोजपा के बेलसंड विधायक अमित रानू पर भी शिकंजा कस सकता है।
मामले में केस के आईओ की अर्जी पर सीओ महेंद्र शुक्ला, आरओ करुण कुमार व राजस्व कर्मचारी अनुज कुमार के विरुद्ध विशेष कोर्ट (एमपी/एमएलए मामले) ने वारंट जारी किया था। फिलहाल अनुज फरार है।