Bihar News: बिहार सरकार ने बोर्ड-निगम के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष व सदस्यों के वेतन भत्ता का नये सिरे से निर्धारण किया है. इसके तहत अब वेतन-भत्ता में भारी बढ़ोतरी हो गई है. हालांकि मछुआरा आयोग के सदस्यों के साथ खेल कर दिया गया. अन्य बोर्ड-निगम के सदस्यों को हर महीने जहां 1 लाख 75 हजार रू मिलेंगे, वहीं मछुआरा आयोग के सदस्यों को हर महीने सिर्फ 50 हजार रू से संतोष करना पड़ेगा.
बोर्ड-निगम के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष-सदस्यों का मानदेय बढ़ा
सम्राट सरकार ने विभिन्न आयोग- बोर्ड- निगम- परिषद के अध्यक्ष- उपाध्यक्ष व सदस्यों के वेतन- भत्ता में संशोधन किया है. अध्यक्ष को पहले जहां 25000 रुपए वेतन मिलते थे, अब ₹65000 मिलेंगे. दैनिक भत्ता ₹1000 के स्थान पर बढ़ाकर ₹3500 प्रतिदिन कर दिया गया है. जिस अध्यक्ष को मंत्री स्तर का सुविधा अनुमान्य है, उन्हें अब प्रति महीने₹30000 आतिथ्य भत्ता मिलेगा. जबकि जिन्हें राज्य मंत्री स्तर की सुविधा प्रदत है, उन्हें 17500 की जगह पर 29500 और उप मंत्री स्तर वाले को 17000 से बढ़ाकर ₹29000 कर किया गया है .
मछुआरा आयोग के मेंबर्स के साथ हो गया खेल...
बिहार कैबिनेट ने मछुआरा आयोग के सदस्यों के वेतन का भी निर्धारण किया है. 10 सितंबर 2026 को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अध्यक्ष- उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के मानदेय का फिर से निर्धारण किया गया है. इस बैठक में अनुशंसा की गई थी कि बिहार राज्य मछुआरा आयोग के सदस्यों के मानदेय- वाहन भत्ता एवं मोबाइल रिचार्ज सुविधा के नाम पर कुल मिलाकर ₹50000 प्रतिमाह का भुगतान किया जाए. इस आधार पर आज सम्राट कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर सहमति दी है.
10 सितंबर को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई थी समीक्षा
बता दें, 10 सितंबर को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक हुई थी. जिसमें स्पष्ट किया गया है कि संवैधानिक, केंद्रीय अधिनियम द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग एवं सूचना आयोग गठित है. अधिनियम-नियमावली द्वारा गठित आयोग- बिहार कर्मचारी चयन आयोग, तकनीकी सेवा आयोग, पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग, बिहार राज्य महिला आयोग, बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग, बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, बिहार बाल श्रमिक आयोग, बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग, बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद शामिल है.
सरकार के संकल्प से गठित है मछुआरा आयोग
बिहार सरकार के संकल्प द्वारा गठित आयोग में महादलित आयोग, उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग, अति पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग, राज्य अनुसूचित जाति आयोग, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग, बिहार राज्य मछुआरा आयोग ,बिहार राज्य नागरिक परिषद ,बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायिक आयोग, बिहार किसान आयोग, बिहार राज्य खाद्य आयोग ,बिहार राज्य विधि आयोग एवं बिहार युवा आयोग शामिल है.
अन्य आयोग के मेंबर्स को 1.75 हजार रू वेतन-भत्ता
बैठक में कमेटी ने निर्णय लिया कि केंद्रीय अधिनियम द्वारा गठित आयोग के अध्यक्ष -उपाध्यक्ष- सदस्य को वेतन एवं अन्य सुविधाएं संबंधित अधिनियम-नियमावली में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप रहेंगी. अधिनियम- नियमावली- संकल्प से गठित ऐसे आयोग जिनके सदस्यों को सचिव स्तर का वेतन और सुविधा देय है, उन्हें मानदेय के रूप में 144000 रू, निजी सहायक के लिए ₹11000, वाहन- भत्ता के रूप में ₹20000, कुल मिलाकर 175000 रू निर्धारित किए जाने की अनुशंसा की गई.
मछुआरा आयोग के मेंबर्स को सिर्फ 50 हजार रू
कमेटी ने बिहार राज्य मछुआरा आयोग के सदस्यों के मानदेय वाहन भत्ता एवं मोबाइल रिचार्ज की सुविधा के लिए कुल मिलाकर ₹50000 स्वीकृत करने की अनुशंसा की.बिहार राज्य नागरिक परिषद के सदस्यों को भी मानदेय- वाहन भत्ता एवं मोबाइल रिचार्ज के लिए ₹50000 प्रतिमाह स्वीकृत किए जाने की अनुशंसा की. इस आधार पर आज कैबिनेट ने स्वीकृति दी.