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06-Feb-2026 01:01 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Budget Session 2026: बिहार विधानसभा के साथ साथ विधान परिषद की कार्यवाही भी जारी है। विधान परिषद में आज शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में हो रही देरी को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष के हंगामे के बाद शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सरकार की तरफ से सदन में जवाब रखा।
दरअसल, विधान परिषद सदस्य ने सरकार से सवाल पूछा कि जो प्रावधान शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए बनाए गए हैं उसी तरह से प्रावधान प्राधानाध्यापकों के ट्रांसफर पोस्टिंग में भी किए जाएं, क्योंकि वे भी पहले शिक्ष है उसके बाद प्रधानाध्यापक बनाए गए हैं। उसमें भी पारस्परिक स्थानांतरण की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही साथ राजकीयकृ और राजकीय विद्यालयों में भी इस तरह की व्यवस्था होनी चाहिए। तीन-तीन सौ, चार चार सौ किलोमीटर दूर से शिक्षक काम कर रहे हैं।
इसपर शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार के सरकारी स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की संख्या अभी कम है। स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की संख्या उतनी अधिक नहीं है जितनी शिक्षकों की संख्या है। ट्रांसफर पोस्टिंग में जितना शिक्षकों को संतुष्ट किया जा सकता है उतना संतुष्ट प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक को नहीं कर सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि हमलोग कोशिश करेंगे कि प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों के लिए भी इस तरह की व्यवस्था बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के जो तबादले हुए उसमें करीब करीब 70 फीसदी संतुष्टि है। इसमें भी हमलोक कोशिश करेंगे कि यथा संभव उनको एडजस्ट किया जाए लेकिन सौ फीसद सेटिक्सफेक्शन हो जाए यह मुश्किल है। इसपर सदस्य ने कहा कि आखिर इसमें दिक्कत क्या है।
तब मंत्री ने कहा कि सबसे पहले उन शिक्षकों का ट्रांस्फर किया गया जो असाध्य रोगों से पीड़ित थे। ऐसे शिक्षकों का टॉप प्रायरिटी पर तबादला किया गया और अब दूसरे चरण का जल्द ही शुरू होगा। इसपर सदस्यों ने कहा कि बहुत तरह की परेशानियां शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़ी सामने आई हैं। तब मंत्री ने कहा कि सबसे पहले असाध्य रोगों से ग्रसित शिक्षकों के ही ट्रांसफर की प्राथमिकता रहेगी।