Bharat Tiwari Encounter: बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत में भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां भरत भूषण तिवारी के समर्थन में लगातार नारेबाजी हुई। सभा में कई वक्ताओं ने मामले को लेकर प्रशासन और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। महापंचायत को संबोधित करते हुए जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने न्याय नहीं मिलने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रशांत किशोर ने कहा कि यह जांच का विषय है कि पुलिस को गोली चलाने का आदेश पटना से किसने दिया। उनका कहना था कि किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा बिना उच्च स्तर के आदेश के गोली चलाना संभव नहीं है, इसलिए पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
प्रशांत किशोर ने मांग की कि मामले की जांच किसी रिटायर्ड जज के बजाय किसी वर्तमान (सिटिंग) जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक जांच के दायरे में गृह मंत्री, डीजीपी और अन्य सभी जिम्मेदार अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए।
महापंचायत में यह भी कहा गया कि केवल स्थानीय स्तर पर कुछ पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने से न्याय की पूर्ति नहीं होती। जनता को वास्तविक न्याय होते हुए दिखना चाहिए। उपस्थित लोगों ने मांग की कि 15 दिनों के भीतर न्यायिक जांच की घोषणा की जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने समय सीमा के भीतर ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलनकारी पटना कूच करेंगे और वहां प्रदर्शन कर सरकार का घेराव करेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास का भी घेराव किया जाएगा। भरत भूषण तिवारी और उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।
फर्स्ट बिहार के लिए नीतीश कुमार की रिपोर्ट...