PATNA: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र ने अपने राजनीतिक सफर और पार्टी के प्रति निष्ठा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि वह लालू प्रसाद यादव का साथ छोड़कर दूसरी पार्टी में चले गए होते, तो आज उनकी राजनीतिक स्थिति अलग होती और संभव है कि वह उपमुख्यमंत्री के पद पर होते।
आरजेडी में हाल के दिनों में जारी अंदरूनी बयानबाजी के बीच भाई वीरेंद्र ने कहा कि उन्हें पता है कि उनके खिलाफ क्या चल रहा है?, लेकिन वह हर आरोप का जवाब देना जरूरी नहीं समझते। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी छवि बचाने के लिए उन्हें निशाना बना रहे हैं।
‘मुश्किल दौर में भी लालू के साथ खड़ा रहा’
भाई वीरेंद्र ने अपने पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब आरजेडी के पास केवल 22 विधायक थे। उस कठिन समय में कई नेताओं ने पार्टी छोड़ दी, लेकिन उन्होंने लालू प्रसाद यादव का साथ नहीं छोड़ा। “अगर मैं भी उस समय पार्टी छोड़कर चला गया होता, तो आज तस्वीर कुछ और होती। संभव है कि आज बिजेंद्र प्रसाद यादव नहीं, बल्कि मैं उपमुख्यमंत्री होता। लेकिन मैंने पार्टी और लालू जी के साथ रहने के लिए बहुत त्याग किया है।”
‘तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना चाहता हूं’
भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह लंबे समय से आरजेडी और लालू प्रसाद यादव के साथ जुड़े हुए हैं। उनका उद्देश्य पार्टी की विचारधारा और सिद्धांतों को गांव-गांव तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि वह तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं और उनकी प्रतिबद्धता किसी पद या लाभ के लिए नहीं है।
सम्राट चौधरी से मुलाकात पर दी सफाई
हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उनकी तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। इस पर सफाई देते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि उनकी मुलाकात पूरी तरह क्षेत्रीय विकास कार्यों को लेकर हुई थी और इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।