Bihar Politics: बड़ी खबर बिहार की सियासत से निकलकर सामने आ रही है, जहां बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अवधेश नारायण सिंह ने विधान परिषद के सचिव को इस्तीफा सौंपा है। उनके इस्तीफे के बाद बिहार के सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है।
अवधेश नारायण सिंह ने अपना इस्तीफा देने के बाद बिहार विधान परिषद के कर्मचारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि परिषद के कर्मियों का हमेशा उन्हें सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि अगर उनसे अनजाने में कोई भूल-चूक हुई हो तो क्षमा करेंगे। उन्होंने कहा कि जब भी किसी कर्मचारी को उनसे किसी काम को लेकर मिलने की जरूरत हो बेझिझक मिल सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के सभापति के पद से इस्तीफा देने के बाद यह पद जेडीयू के कोटे में जा सकती है। अवधेश नारायण सिंह बीजेपी के एमएलसी हैं लेकिन एनडीए के तय फॉर्मूले के तहत अब सभापति का पद जेडीयू के खाते में जाना तय माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि जेडीयू एमएलसी और विधान परिषद के उपसभापति रामबचन राय को अगला सभापति बनाया जा सकता है। बीजेपी सूत्रों की मानें तो पार्टी आलाकमान की तरफ से निर्देश मिलने के बाद अवधेश नारायण सिंह ने बीते 21 सितंबर को सभापति के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी और सोमवार को उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया।
अवधेश नारायण सिंह के पद छोड़ने के बाद जेडीयू कोटे के मौजूदा उपसभापति रामवचन राय को पहले कार्यकारी सभापति बनाया जा सकता है, इसके बाद सभापति पद के लिए औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साल 2024 में रामवचन राय निर्विरोध उपसभापति चुने गए थे। अब सभापति के इस्तीफे के बाद इस पर के लिए उनके नाम की चर्चा हो रही है।