Bihar Politics: बिहार में बांकीपुर उपचुनाव के बीच लालू यादव की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय जनता दल से इस्तीफा देने के बाद पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद अर्जुन राय ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अर्जुन राय को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में कई अन्य नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल होने के बाद अर्जुन राय ने कहा कि सांसद रहते हुए उन्होंने सीतामढ़ी के विकास का जो सपना देखा था, वह अब तक पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार में एनडीए की डबल इंजन सरकार के साथ मिलकर ही क्षेत्र के अधूरे विकास कार्यों को पूरा किया जा सकता है।
अर्जुन राय ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में काम करेंगे। उन्होंने बिहार सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में गुड गवर्नेंस की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य हमेशा जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना रहा है और अब भाजपा के मंच से वह सीतामढ़ी सहित आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए और प्रभावी तरीके से काम कर पाएंगे।
अर्जुन राय का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। वर्ष 1994 में उन्होंने बिहार विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद वर्ष 2000 में उन्होंने राजद के टिकट पर मुजफ्फरपुर जिले की औराई विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। वर्ष 2005 में उन्होंने राजद छोड़कर जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू का दामन थामा और उसी साल औराई विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। बाद में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री बने।
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में अर्जुन राय जदयू के टिकट पर सीतामढ़ी लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।इसके बाद वर्ष 2015 में जदयू से अलग हुए वरिष्ठ नेता शरद यादव के साथ उन्होंने राजद की सदस्यता ग्रहण की। राजद में शामिल होने के बाद उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब राजद छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद अर्जुन राय ने बिहार की सियासत में एक नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की है।