Anant Singh: जेडीयू विधायक अनंत को वायरल वीडियो मामले में बड़ी राहत मिली है। MP-MLA कोर्ट ने गोपालगंज में दर्ज मामले में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अनंत सिंह के वकील ने बताया कि कोर्ट ने वीडियो की प्रकृति और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए यह राहत दी है। मामले की अगली सुनवाई 30 मई को होगी।


AI से बना बताया जा रहा वीडियो

गोपालगंज पुलिस ने मीरगंज थाने में FIR दर्ज की थी। आरोप था कि वायरल वीडियो में कुछ लोग हथियार लहराते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि बचाव पक्ष का कहना है कि वीडियो AI से तैयार किया गया प्रतीत होता है और उसमें अनंत सिंह के हाथ में कोई हथियार स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रहा है। कोर्ट ने इसी आधार पर गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।


जनेऊ समारोह का है मामला

पूरा मामला मीरगंज के सेमराव गांव में गुड्डू राय के घर 2 और 3 अप्रैल को आयोजित जनेऊ संस्कार कार्यक्रम से जुड़ा है। इस समारोह में अनंत सिंह अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ शामिल हुए थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मेहमान पहुंचे थे, जिनके लिए ठहरने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई थी।


इसी दौरान कथित रूप से अवैध, प्रतिबंधित और लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही कार्यक्रम में अश्लील डांस होने का भी आरोप है। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो बाद में तेजी से वायरल हो गया।


9 नामजद समेत कई अज्ञात पर FIR

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और जांच शुरू की गई। एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर हथुआ SDPO ने वीडियो की जांच की। जांच के दौरान कुछ लोगों की पहचान की गई, जो कथित रूप से हथियारों का प्रदर्शन और अश्लील डांस में शामिल थे।


इसके बाद मीरगंज थाना कांड संख्या 247/26, दिनांक 04.05.26 के तहत 9 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। पुलिस ने आयोजक गुड्डू राय, उत्सव राय, प्रियांशु कुमार, टिशू राय, सौरव कुमार राय, विशाल राय, सुनील यादव के साथ अनंत सिंह और गुंजन सिंह को आरोपी बनाया है।


पुलिस जांच जारी

पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि समारोह के दौरान लाइसेंसी और प्रतिबंधित हथियारों का प्रदर्शन किया गया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना। इसके अलावा सार्वजनिक शांति भंग करने और अश्लील डांस कराने के आरोप भी दर्ज किए गए हैं। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आगे की जांच और कार्रवाई में जुटी हुई है।


पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन पाठक ने बताया कि विधायक पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पूरी तरह संदिग्ध और एडिटेड प्रतीत हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो को कृत्रिम तकनीक यानी एआई के माध्यम से तैयार किया गया हो सकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि वायरल वीडियो में अनंत सिंह के हाथ में किसी प्रकार का हथियार स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है।


कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने फिलहाल अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक पुलिस उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी। हालांकि इस मामले में नामजद अन्य आठ आरोपियों को कोर्ट से राहत नहीं मिली है और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी रह सकती है। अब इस हाईप्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 30 मई को होगी, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्रा, गोपालगंज