Bihar Politics:बिहार की सियासत में मोकामा एक बार फिर चर्चा में है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा है कि वह 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे। हालांकि, उन्हें अब भी न्यायालय पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि कोर्ट से उन्हें दोबारा बेल मिल जाएगी। अनंत सिंह ने इस पूरे मामले में नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने पार्टी का विरोध नहीं किया था, बल्कि नीरज कुमार का विरोध किया था। नीरज ने ही दुलारचंद यादव की हत्या करवाई और उन्हें इस मामले में फंसाया है।
अनंत सिंह ने पार्टी के फैसले और सरकार की भूमिका पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार ने जो कहा, वही सरकार ने किया और पार्टी ने भी उसी बात को सही मान लिया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार ठीक रहते तो उनके साथ ऐसा कुछ नहीं होता। अनंत सिंह ने साफ किया कि अब वह न तो नीतीश कुमार से मिलने जाएंगे और न ही ललन सिंह से मुलाकात करेंगे।
1 दिसंबर को करेंगे सरेंडर?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह ने कहा कि वह 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे। उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि उन्हें कोर्ट से बेल मिल जाएगी। उन्होंने कहा... हम 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे। हम कहीं नहीं जाएंगे। कोर्ट पर मुझे भरोसा है। सरेंडर होंगे, कोर्ट से बेल मिलेगा।
दरअसल, दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से मिली अनंत सिंह की जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही बिहार पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने को कहा है। यह आदेश दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद आया है।
हमने पार्टी का नहीं, नीरज कुमार का विरोध किया था
अनंत सिंह ने अपने और जदयू के बीच हुए विवाद को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनका विरोध पार्टी से नहीं था, बल्कि नीरज कुमार से था। अनंत सिंह के मुताबिक, नीरज कुमार ने जो कहा, सरकार ने वही किया और पार्टी ने भी उनकी बात मान ली।
उन्होंने कहा, हम पार्टी का विरोध नहीं किए, नीरज कुमार का विरोध किए। नीरज कुमार ने जो कहा, वही सरकार ने किया। पार्टी भी नीरज कुमार को ही सही मानती है। पार्टी ने भी वही किया।
अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर दुलारचंद यादव की हत्या करवाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, नीरज कुमार ने दुलारचंद का हत्या करवाया, हमको फंसाया। जो भी केस है, सब नीरज कुमार ने करवाया।
नीतीश जी ठीक रहते तो कभी नहीं होता ये सब
अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक नीतीश कुमार ठीक थे, तब तक उनके साथ ऐसी स्थिति नहीं बनी। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के लिए नीतीश कुमार के बदले हालात को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा, नीतीश जी रहते तो कभी नहीं होता ये सब। नीतीश के गड़बड़ाने के बाद हुआ ये सब। पार्टी में जब तक नीतीश जी ठीक थे, तब तक कुछ नहीं हुआ। नीतीश जी काफी बहुत दिन से गड़बड़ हैं।
उन्होंने पार्टी के भविष्य को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा.. पार्टी का खाता खुलना मुश्किल होगा।
अब न नीतीश से मिलेंगे, न ललन सिंह से
अनंत सिंह ने साफ कर दिया कि मौजूदा घटनाक्रम के बाद वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह अब न तो नीतीश कुमार से मिलने जाएंगे और न ही ललन सिंह से मिलेंगे।
उन्होंने कहा, हम कहीं नहीं जाएंगे। नीतीश से भी नहीं मिलने जाएंगे। नीरज पर हम कुछ टिप्पणी नहीं करने वाले। हम ललन सिंह से भी नहीं मिलेंगे।
उनकी इस प्रतिक्रिया से साफ है कि जमानत रद्द होने के बाद कानूनी लड़ाई के साथ-साथ पार्टी और उसके नेताओं को लेकर भी उनकी नाराजगी बरकरार है।
बेटे के चुनाव लड़ने पर बोले- मेरा मन था, अब उसकी मर्जी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अनंत सिंह ने अपने बेटे के चुनाव लड़ने को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि उनका बेटा चुनाव लड़े, लेकिन अब यह फैसला बेटे को ही करना है।
अनंत सिंह ने कहा, मेरा मन था कि बेटा चुनाव लड़े... अब उसका मन है क्या करेगा वो जाने। यानी बेटे के चुनाव लड़ने को लेकर अनंत सिंह ने अपनी इच्छा तो जाहिर की, लेकिन अंतिम फैसला उसी पर छोड़ दिया।
मेरे साथ जिसने जुल्म किया, भगवान उसको दिखाएगा
अपनी बातचीत के आखिर में अनंत सिंह ने अपने साथ हुए घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है और वह कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे। साथ ही उन्होंने अपने विरोधियों को लेकर कहा... मेरा साथ जो जुल्म किया, भगवान उसको दिखा दे।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करना है। अदालत ने बिहार पुलिस को दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच चार महीने में पूरी करने का निर्देश भी दिया है। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अनंत सिंह की सरेंडर की तारीख पर सबकी नजर रहेगी।