AAP MPs join BJP: अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सचिवालय ने AAP के 7 बागी सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय को मंजूरी दे दी है और आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इसके बाद इन सांसदों को अब भाजपा का हिस्सा माना जाएगा। इस फैसले के बाद राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जो उसके इतिहास में पहली बार है। वहीं आम आदमी पार्टी की ताकत घटकर 10 से सीधे 3 सांसदों पर आ गई है, जिससे उसे उच्च सदन में बड़ा नुकसान हुआ है।
ये सभी 7 सांसद पंजाब से जुड़े थे। अब पंजाब में AAP के पास केवल एक राज्यसभा सांसद बचा है। बलबीर सिंह सीचेवाल ने पार्टी नहीं बदली है, जबकि अन्य सांसदों ने नेतृत्व पर भटकाव और उपेक्षा के आरोप लगाते हुए भाजपा का दामन थामा है। आम आदमी पार्टी ने इस विलय के खिलाफ राज्यसभा चेयरमैन को अर्जी दी थी और कुछ सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग भी की थी। लेकिन चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को सभी सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी।
भाजपा में शामिल होने वाले प्रमुख सांसदों में राघव चड्ढा, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, राज्यसभा में पार्टी उपनेता अशोक मित्तल, संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाला नाम संदीप पाठक का है, जिन्हें अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता था और वे लंबे समय तक पंजाब मामलों को देखते रहे।
सूत्रों के अनुसार, संदीप पाठक ने दिल्ली में केजरीवाल से मुलाकात कर पंजाब में उपेक्षा की शिकायत की थी। वहीं विक्रमजीत सिंह साहनी ने दावा किया कि केजरीवाल ने खुद उनसे इस्तीफे पर विचार करने को कहा था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। इन घटनाओं के बाद AAP में अंदरूनी कलह और नेतृत्व पर सवाल और गहराते दिखाई दे रहे हैं, जबकि भाजपा को राज्यसभा में बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली है।