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17-Mar-2021 12:16 PM
PATNA: बिहार विधानसभा ने आज अपने इतिहास का सबसे काला दिन देखा. जिस सदन में आसन यानि विधानसभा अध्यक्ष ही सर्वेसर्वा होता है, सर्वोच्च पद होता है, वहीं आसन यानि अध्यक्ष शर्मसार हो गये. भाजपा के मंत्री ने बीच सदन में विधानसभा अध्यक्ष को फटकार दिया. रूआंसे हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी औऱ सदन छोड़ कर चले गये. बिहार विधानसभा ने आज तक ऐसा दिन नहीं देखा होगा. विधानसभा अध्यक्ष को डांटने वाले मंत्री सम्राट चौधरी नित्यानंद राय औऱ भूपेंद्र यादव के सबसे खास माने जाते हैं. उन्हें विधान परिषद भेजकर मंत्री बनाया गया है.
ऐसे हुई लोकतंत्र की हत्या
दरअसल विधानसभा में आज प्रश्नकाल चल रहा था. विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था कर रखी है कि विधायक जो भी प्रश्न पूछें उनका ऑनलाइन जवाब पहले ही सरकार दे दे. ताकि विधायक पहले से ही जवाब पढकर औऱ समय की बचत हो जिससे ज्यादा से ज्यादा विधायकों का सवाल सदन में आ सके.
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी के विधायक विनय बिहारी का सवाल आया. इसका जवाब पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी को देना था. मंत्री ने अपने जवाब को ऑनलाइन नहीं दिया. विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्री से पूछा-आप ऑनलाइन जवाब क्यों नहीं देते. आपके विभाग का जवाब ऑनलाइन नहीं आता.
विधानसभा अध्यक्ष के इतना कहते ही मंत्री सम्राट चौधरी अध्यक्ष से बहस करने लगे. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने सुबह के नौ बजे तक देखा था उनके विभाग के बहुत सारे सवालों का जवाब ऑनलाइन नहीं आया था. अध्यक्ष को अपमानित करने के तेवर में आये मंत्री ने कहा कि 16 में 14 सवालों का जवाब ऑनलाइन दिया गया है. अध्यक्ष ने तत्काल आंकड़ा मंगवाया तो पता चला कि मंत्री सदन में गलत जानकारी दे रहे थे.
विधानसभा अध्यक्ष ने आंक़ड़ा पढ़ते हुए कहा कि सिर्फ 63 प्रतिशत सवालों का जवाब ही ऑनलाइन आया है. मंत्री सम्राट चौधरी ने अध्यक्ष को ही कहा-बहुत व्याकुल मत होइये. मेरा सब काम हो रहा है. सदन में सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के साथ मंत्री का इस तरह का व्यवहार हतप्रभ करने वाला था. अध्यक्ष ने मंत्री को अपना शब्द वापस लेने को कहा.
मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष को ही बेइज्जत कर दिया
इसके बाद मंत्री और तेवर में आ गये. मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष को ही अंगुली दिखा कर बोलना शुरू कर दिया.मंत्री सम्राट चौधरी ने अपने शब्द को वापस लेने से इंकार कर दिया और भरे सदन में अध्यक्ष को ही फटकारना शुरू कर दिया. मंत्री ने कहा कि इस तरह से सदन नहीं चलता है. आप इस तरह का डायरेक्शन नहीं दे सकते. अध्यक्ष बार बार कहते रहे कि आप आसन के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकते. लेकिन मंत्री सम्राट चौधरी अध्यक्ष से उसी लहजे में बात करते रहे.
रूआंसे होकर अध्यक्ष ने सदन स्थगित किया
भरे सदन में जब सबसे सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के साथ ही इस तरह का सलूक हो रहा था को पूरा सदन सन्न था. मंत्री इस तेवर में विधानसभा अध्यक्ष के साथ बात कर रहे थे मानो अपने विभाग के किसी कर्मचारी से बात कर रहे हों. मंत्री के व्यवहार से आहत विधानसभा अध्यक्ष रूआंसे हो गये. उन्होंने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी और आसन से उठ कर चले गये.
विधानसभा में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ
विधानसभा के इतिहास में ऐसा दिन पहले कभी नहीं देखा गया होगा. विधानसभा अध्यक्ष जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सत्ता पक्ष के मंत्री बेईज्जत कर दें. अपने पद की इज्जत बचाने के लिए अध्यक्ष के पास शायद कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था.
कहां से आयी मंत्री को ताकत
दरअसल मंत्री सम्राट चौधरी भूपेंद्र यादव औऱ नित्यानंद राय कैंप के प्रमुख सिपाहसलार माने जाते हैं. उन्हें विधान परिषद में भेजा गया औऱ फिर मंत्री बनाया गया. बीजेपी के जानकार बताते हैं कि बिहार बीजेपी के सर्वेसर्वा माने जाने वाले नेताओं की ही ताकत आज सदन में इस शर्मनाक तरीके से देखने को मिली.