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13-Jul-2023 08:24 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार में शिक्षा विभाग की कमान संभालते हैं के.के. पाठक लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राज्य में शिक्षा में सुधार को लेकर जो लगातार ऐसे निर्णय ले रहे हैं जिससे अपने काम में कोताही बरतने वाले लोगों के काफी मुश्किलें बढ़ाने वाली है। इसी कड़ी ने अब उन्होंने एक और बड़ा निर्णय लिया है। पाठक ने कहा है कि,अब आज यानी 13 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों में सभी शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। जिसका जायजा लेने की जिम्मेदारी जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और अन्य पदाधिकारियों को दी गई है।
दरअसल, राज्य में आज भाजपा के तरफ से राज्य में भाजपा के तरफ से आज पैदल विधानसभा मार्च का ऐलान किया गया है इस पैदल मार्च में राज्य के कई जिलों केशिक्षक भी शामिल होने वाले हैं ऐसा कहा जा रहा है। इस बीच अब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि जो भी शिक्षक इस पैदल मार्च में शामिल होंगे उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के हवाले से जारी पत्र में साफ़ लिखा गया है कि, 13 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों में सभी शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। जिसका जायजा लेने की जिम्मेदारी जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और अन्य पदाधिकारियों को दी गई है। जो 13 जुलाई को सभी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की जांच करेंगे। और जो भी शिक्षक गैरहाजिर होंगे। उन्हें सस्पेंड किया जाएगाऔर कार्रवाई के लिए नियोजन इकाई को लिखा जाएगा।
आपको बता दें कि, राज्य में शिक्षक भर्ती नियमावली में बदलाव और डोमिसाइल नियम हटाने को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों ने पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान लाठीचार्ज की भी बातें निकल कर सामने आ। जिसे बीजेपी ने नीतीश सरकार की गुंडागर्दी करार दिया था। जिसके बाद अब आज 13 जुलाई को भाजपा ने विधानसभा मार्च का ऐलान किया था। इससे पहले 11 जुलाई को शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और स्कूलों के शिक्षकों ने प्रदर्शन किया था। जिसके बाद नई शिक्षक भर्ती नियमावली के हो रहे विरोध के बीच सीएम नीतीश कुमार ने इसकी समीक्षा का आश्वासन दिया है।