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20-Apr-2020 11:38 AM
PATNA: हिसुआ से बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने कोटा में फंसी अपनी बेटी को लाया तो बिहार में सियासत तेज हो गई. विपक्ष सरकार को घेर रहा है कि जब विधायक अपनी बेटी को ला सकते हैं तो सीएम नीतीश कुमार वहां पर फंसे बिहारी छात्रों को क्यों नहीं ला सकते हैं.
आरजेडी ने कहा- गरीब के बच्चे भी आए
आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि सीएम को राजधर्म का पालन करना चाहिए. जब उनकी जनता संकट में हो तो सारों नियमों को तोड़ जनता की मदद करनी चाहिए. जो कोटा में छात्र और छात्र फंसे है उनको वापस लाना चाहिए. आपके गठबंधन के लोग लाए है मैं उनको धन्यवाद देता है. लेकिन सरकार को बाकी छात्रों को लाना चाहिए. क्या गरीब बच्चे वहां से नहीं आ सकते हैं. अगर सरकार छात्रों को नहीं लाती है तो वह राजधर्म का पालन नहीं करती है. सरकार से मांग है कि वह गरीब छात्रों को भी वहां से वापस लाए. वहां से छात्रों को लाकर टेस्ट कराए. जिस अधिकारी ने पास निर्गत किया है उसपर पर कार्रवाई होनी चाहिए.
अशोक चौधरी ने दी सफाई
बीजेपी विधायक के कोटा से बेटी को लाने पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि कुछ लोग सिस्टम जानकार लोग भी नियम का नहीं मानते हैं या अनदेखी करते है. ऐसे लोगों पर सरकार अपना काम करती है. जिन लोगों ने पास निर्गत किया ऐसे अधिकारी पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. कोटा से बच्चों के लाने के सवाल पर चौधरी ने कहा कि सिर्फ कोटा के ही छात्रों को सवाल क्यों विपक्ष उठा रहा है. बिहार के बच्चे कोटा ही नहीं कई शहरों में पढ़ते हैं. लाखों मजदूर भी कई शहरों में रहते हैं उनको भी लाना होगा तो ऐसा में लॉकडाउन कैसे पालन किया जाएगा.