मुजफ्फरपुर में हजरत दाता कंबल शाह का 144वां उर्स: पुलिस की चादर जुलूस, अमन-चैन की मांगी दुआ आरा में बाइक मैकेनिक की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी छपरा पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बोले..जन समस्याओं का होगा त्वरित समाधान बिहार में 6 अप्रैल से स्कूल का नया टाइमटेबल: 7 बजे से पहले बजेगी घंटी चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर ब्लास्ट से हड़कंप, जांच में जुटीं पुलिस करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा टेंट हाउस के मालिक पर नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, आक्रोशित लोगों ने घर के बाहर किया हंगामा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी बिहार के इस जिले में नई चीनी मिल...100 एकड़ भूमि चिन्हित, गन्ना उद्योग विभाग के ACS ने जमीन का किया निरीक्षण
01-Dec-2024 03:51 PM
By First Bihar
GAYA: झारखंड का जामताड़ा साइबर ठगी के मामले में नंबर वन माना जाता है हालांकि अब देश के कई राज्य और जिले इससे अछूते नहीं रह गए हैं। बिहार में भी इसकी जड़े मजबूत होती जा रही है। साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बिहार सरकार ने हर जिले में साइबर थाना स्थापित करना पड़ा लेकिन साइबर अपराध की घटनाएं कम होती नहीं दिख रही हैं।
दरअसल, गया शहर के रामपुर थाना क्षेत्र में एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज के समीप एक मकान में छापेमारी कर 35 लोगों को हिरासत में लिया है। ये सभी लोग एक अवैध कॉल सेंटर में काम कर रहे थे।
पुलिस को सूचना मिली थी कि इस मकान में साइबर अपराध किया जा रहा है। इसके बाद साइबर डीएसपी साक्षी राय के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस को कई लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य दस्तावेज मिले हैं।
हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह रैकेट कितने समय से चल रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल थे।