DESK : जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के पहले सरकार की तरफ से उठाए गए सुरक्षा कदमों में अब रियायत दी जा रही है। बकरीद के पहले घाटी में बहुत कुछ बदल चुका है। धारा 144 खत्म हो चुकी है और स्कूल कॉलेज खुलने के साथ आम कश्मीरियों का जीवन फिर से ढर्रे पर लौट चुका है। बकरीद के पहले रविवार को घाटी में रौनक देखने को मिली है। बाजार खुले हुए हैं और लोग खरीदारी करने में जुटे हुए हैं। सड़कों पर यातायात सामान्य है हालांकि अभी भी सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कश्मीर वासियों को ईद उल अजहा की मुबारकबाद दी है। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने घाटी मैं लोगों की सहूलियत के लिए 300 टेलीफोन बूथ बनाने का फैसला किया है। घाटी में लोगों को जरूरत के सामान आसानी से मिल सके इसके लिए साढ़े तीन हजार से ज्यादा राशन घाट काम कर रहे हैं। फल, सब्जी, एलपीजी गैस सहित अन्य जरूरी उत्पादों की मोबाइल वैन से डिलीवरी की जा रही है। धारा 370 खत्म किए जाने के बाद घाटी वासियों के लिए बक़रीद पहला त्योहार बंद कराया है।