Bihar Bhumi: जमीन विवाद खत्म करने की तैयारी, तय समय सीमा में पूरा होगा विशेष सर्वेक्षण Aadhaar update rules : UIDAI ने बदले नियम, अब नाम, पता और जन्मतिथि अपडेट के लिए जरूरी दस्तावेजों की नई सूची जारी Bihar railway news : बिहार के गया जंक्शन पर 45 दिनों का मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनें रद्द व रूट डायवर्ट; 21 मार्च तक असर Bihar Bhumi: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बिहार सरकार सख्त, 30 साल पुराना कब्जा भी नहीं होगा मान्य BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में चौथे चरण में 44 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, फरवरी अंत या मार्च में आ सकता है विज्ञापन Bihar Hospitals Notice : बिहार में 400 अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी, BSPCB का नोटिस जारी; जानिए क्या है वजह Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत; तेजस्वी यादव भी आज रखेंगे अपनी बात Bihar weather :फरवरी में बिहार का बदला-बदला मौसम, दिन में गर्मी तो रात में ठंड, IMD ने जताई और गिरावट की संभावना मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका
02-Jun-2024 03:26 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार के शिक्षा विभाग से आखिरकार बहुचर्चित अधिकारी केके पाठक का वास्ता खत्म हो गया है. केके पाठक ने सरकार के पास लंबी छुट्टी का आवेदन दिया था. सरकार ने उनकी छुट्टी का आवेदन स्वीकार करने के साथ ही मुख्यमंत्री के खास माने जाने वाले अधिकारी को विभाग का प्रभार दे दिया है. केके पाठक ने पूरे जून महीने के लिए छुट्टी मांगी थी. वे 3 जून से 30 जून तक अवकाश में रहेंगे.
बता दें कि भीषण गर्मी में सरकारी स्कूलों में छुट्टी को लेकर केके पाठक का सरकार से विवाद हुआ था. बिहार में भीषण गर्मी के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब साढ़े तीन सौ बच्चे एक दिन में बीमार हो गये थे. इसके बाद भी शिक्षा विभाग स्कूलों को बंद करने को तैयार नहीं हुआ था. इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद हस्तक्षेप कर सारे स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया था. लेकिन केके पाठक ने मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी शिक्षकों को स्कूल आने का फरमान जारी कर दिया था. पाठक के इस आदेश से नीतीश नाराज थे.
एस सिद्धार्थ को प्रभार
केके पाठक शिक्षा विभाग का प्रभार संभालने के बाद कई दफे छुट्टी पर गये हैं. उनकी छुट्टी के दौरान विभाग में सचिव पद पर तैनात अधिकारी बैद्यनाथ यादव अपर मुख्य सचिव का प्रभार संभालते रहे हैं. लेकिन केके पाठक की स्थायी छुट्टी का मन बना चुकी राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एस. सिद्धार्थ को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का प्रभार सौंप दिया है. एस. सिद्धार्थ कैबिनेट विभाग के भी अपर मुख्य सचिव हैं.
केके पाठक से सरकार की नाराजगी तब भी झलकी थी जब शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशक पद पर तैनात कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव को सरकार ने एक्सटेंशन देने से मना कर दिया था. कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव को केके पाठक का करीबी अधिकारी माना जाता था. 31 मई को वे रिटायर हो रहे थे. उससे पहले केके पाठक ने उन्हें सेवा विस्तार देने का आग्रह सरकार से किया था लेकिन सरकार इसके लिए राजी नहीं हुई थी.
पाठक की परमानेंट छुट्टी तय
सरकारी सूत्र बता रहे हैं कि केके पाठक की शिक्षा विभाग से स्थायी छुट्टी तय हो गयी है. 4 जून तक चुनाव आचार संहिता लागू है. तब तक कोई भी ट्रांसफर पोस्टिंग करने के लिए राज्य सरकार को चुनाव आयोग से अनुमति लेना पड़ता है. सरकार इस फेरे में नहीं पड़ना चाहती. इसलिए 4 जून तक का इंतजार किया जा रहा है. उसके बाद केके पाठक के ट्रांसफर का आदेश जारी होना तय है. केके पाठक ने लगातार मुख्यमंत्री के आदेश को भी नहीं माना है. राज्यपाल से उनका लगातार टकराव चल रहा है. राज्यपाल भी केके पाठक से काफी नाराज हैं. ऐसे में राज्य सरकार शिक्षा विभाग से उनकी परमानेंट विदाई का फैसला ले चुकी है. सिर्फ आचार संहिता खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है.