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31-Oct-2021 05:57 PM
PATNA : बिहार विधानसभा की दो सीटों तारापुर और कुशेश्वरस्थान में मतदान शनिवार को संपन्न हो गया है. परसों मतदाताओं का फैसला आने वाला है. बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यह दावा किया है कि उपचुनाव का रिजल्ट आने के बाद बिहार में वह आरजेडी की सरकार बनाएंगे. तेजस्वी के इस दावे के बाद बिहार बीजेपी के नेता और पूर्व एलएमसी ने भी यह कह दिया है कि उपचुनाव के परिणाम आने के बाद बड़ा खेला होने वाला है.
बीजेपी नेता और पूर्व एमएलसी टुन्ना पांडेय ने उपचुनाव में आरजेडी की जीत का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उपचुनाव में आरजेडी दोनों सीटों पर जीत हासिल करेगी. इसके बाद राज्य में आरजेडी की सरकार बनेगी. गौरतलब हो कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी दिल्ली से पटना लौटने के बाद यह दावा किया था कि परिणाम के बाद सत्ता पक्ष में भगदड़ मचेगी.
इस बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार दोनों ही सीटों पर काफी मतों के अंतर से जीत रहे हैं. इस बीच चुनाव आयोग ने मतगणना को लेकर जो व्यवस्था बनाई है, उसमें राजद की एक मांग पूरी हो गई है. तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता सरकार से ऊब चुकी है. आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, लालफीताशाही सब चरम पर है. सरकार ने प्रशासन का पूरा दुरुपयोग किया. पीडीएस डीलर को तंग किया गया, लेकिन सारे हथकंडे नाकाम हो गये.
कहा जा रहा है कि चुनाव परिणाम का तत्काल असर तो बिहार की सियासत में नहीं पड़ने वाला लेकिन भविष्य को लेकर आशंका भी बनी हुई है. राजद के नेताओं के बयानों पर गौर करें तो लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के बयान का साफ मतलब निकाला जा रहा है कि अगर दोनों सीटों पर राजद की जीत होती है तो सरकार मुश्किल में आ सकती है. देखा भी जाए तो सत्ता और विपक्ष में बहुत ज्यादा सीटों का अंतर भी नहीं है.
विधानसभा के गणित की बात करें तो 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में बहुमत के आकंड़े के लिए 122 सीटों की जरूरत है. फिलहाल एनडीए के पास 126 विधायकों का समर्थन है. जबकि विपक्षी दलों के महागठबंधन में 110 विधायक हैं. एनडीए में जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा और मुकेश सहनी की वीआईपी के चार-चार विधायक भी शामिल हैं. इसके अलावा जमुई जिले के चकाई सीट से जीत हासिल करने वाले इकलौते विधायक सुमित सिंह का भी समर्थन नीतीश सरकार को ही हैं. इसलिए उन्हें मंत्री भी बनाया गया है. साथ ही चिराग पासवान की एलजेपी और मायावती की बीएसपी के एक-एक विधायक राजकुमार और जमा खान ने भी जेडीयू की सदस्यता हासिल कर ली है.
इधर चर्चा है कि इस उपचुनाव में कांग्रेस भले ही राजद से अलग होकर चुनाव लड रही हो, लेकिन जब सरकार बनाने की बात आएगी तो वह राजद के साथ होगी. अगर आरजेडी अगर इन दोनों सीटों पर जीत हासिल कर जाती है. तो महागठबंधन में विधायकों की संख्या 112 हो जाएगी. लेकिन सरकार बनाने के लिए 122 विधायक चाहिए. एआईएमआईएम के पास 5 विधायक हैं. ऐसे में संख्या 117 की हो जाएगी. लेकिन जब तक मांझी और सहनी सरकार में हैं. तबतक सरकार बनाने के दावे हवा-हवाई बातें कर भूमिका बांधने से ज्यादा कुछ भी नहीं लग रहे.