Sarla Maheshwari: दूरदर्शन की मशहूर न्यूज एंकर सरला माहेश्वरी का निधन, 71 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा Sarla Maheshwari: दूरदर्शन की मशहूर न्यूज एंकर सरला माहेश्वरी का निधन, 71 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा Bihar Bhumi: सरकारी जमीन जल्दी खाली कराएं सभी DM, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दिया आदेश, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद बढ़ी सख्ती... Bihar Co Action: बिहार के इस CO ने किया बड़ा खेल ! म्यूटेशन के 619 आवेदन में पकड़े गए...अब शुरू हुई यह कार्रवाई पटना में कोचिंग की छत से गिरकर छात्रा की मौत, CCTV में पीछे दिखे दो युवक, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका INSTAGRAM UPDATE: इंस्टाग्राम का बड़ा अपडेट, अब किसी भी फोटो-वीडियो में जोड़ सकेंगे अपना चेहरा, जानिए.. कैसे करेगा काम सहरसा में दिल दहला देने वाली घटना: नदी किनारे युवक की सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप सुपौल में भीषण सड़क हादसा: दो बाइकों की सीधी टक्कर में 3 युवकों की दर्दनाक मौत, 2 की हालत गंभीर सहरसा में विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद, होली में खपाने की थी तैयारी प्रेमानंद महाराज पहले ही जान गए थे कि राजपाल यादव जाएंगे जेल? कहा था- विपत्ति में कभी टूटना नहीं, हारना नहीं; अब वीडियो हो रहा वायरल
12-Feb-2026 02:44 PM
By FIRST BIHAR
Ghooskhor Pandat: मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ अपने टाइटल को लेकर विवादों में घिर गई है। नेटफ्लिक्स के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में वकील विनीत जिंदल ने याचिका दायर की थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया कि फिल्म का टाइटल ब्राह्मण समुदाय के प्रति अपमानजनक है।
फिल्म का फर्स्ट लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई थी। विवाद के बाद नेटफ्लिक्स ने हाई कोर्ट को बताया कि फिल्म का नाम बदल दिया जाएगा और इससे पहले ऑनलाइन मौजूद सभी कंटेंट को हटा दिया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स और निर्देशक नीरज पांडे से फिल्म का नया नाम पूछने के लिए 12 फरवरी तक का समय दिया था। बावजूद इसके मेकर्स ने नया नाम नहीं बताया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई।
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को संविधान में है, लेकिन इसकी सीमाएं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जानबूझकर किसी समुदाय को टारगेट करना या समाज में नफरत फैलाना स्वीकार्य नहीं है। न्यायालय ने कहा कि अगर मेकर्स स्पष्ट नहीं करेंगे कि यह गलती जानबूझकर नहीं की गई, तो फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स को निर्देश दिया कि प्रमोशनल मैटेरियल वापस लिया जाए और अगले गुरुवार, 19 फरवरी तक फिल्म का नया नाम और हलफनामा दाखिल किया जाए। जस्टिस नागरत्ना ने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी को भी ऐसा करने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब किसी को आहत करना नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगली बार सुनवाई की तारीख नहीं दी जाएगी और यह देश की एकता, कानून व्यवस्था और नैतिकता के लिए गंभीर मामला है।