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‘घूसखोर पंडत’ विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स को फटकार लगाई, कहा- समाज में नफरत फैलाना मान्य नहीं

Ghooskhor Pandat: मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि किसी समुदाय को टारगेट करना या समाज में नफरत फैलाना स्वीकार्य नहीं है और नए नाम व हलफनामा जल्द दाखिल करने का आदेश दिया।

12-Feb-2026 02:44 PM

By FIRST BIHAR

Ghooskhor Pandat: मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ अपने टाइटल को लेकर विवादों में घिर गई है। नेटफ्लिक्स के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में वकील विनीत जिंदल ने याचिका दायर की थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया कि फिल्म का टाइटल ब्राह्मण समुदाय के प्रति अपमानजनक है।


फिल्म का फर्स्ट लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई थी। विवाद के बाद नेटफ्लिक्स ने हाई कोर्ट को बताया कि फिल्म का नाम बदल दिया जाएगा और इससे पहले ऑनलाइन मौजूद सभी कंटेंट को हटा दिया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स और निर्देशक नीरज पांडे से फिल्म का नया नाम पूछने के लिए 12 फरवरी तक का समय दिया था। बावजूद इसके मेकर्स ने नया नाम नहीं बताया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई।


जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को संविधान में है, लेकिन इसकी सीमाएं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जानबूझकर किसी समुदाय को टारगेट करना या समाज में नफरत फैलाना स्वीकार्य नहीं है। न्यायालय ने कहा कि अगर मेकर्स स्पष्ट नहीं करेंगे कि यह गलती जानबूझकर नहीं की गई, तो फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स को निर्देश दिया कि प्रमोशनल मैटेरियल वापस लिया जाए और अगले गुरुवार, 19 फरवरी तक फिल्म का नया नाम और हलफनामा दाखिल किया जाए। जस्टिस नागरत्ना ने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी को भी ऐसा करने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब किसी को आहत करना नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगली बार सुनवाई की तारीख नहीं दी जाएगी और यह देश की एकता, कानून व्यवस्था और नैतिकता के लिए गंभीर मामला है।