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17-May-2025 02:42 PM
By First Bihar
Life Style: अक्सर गर्मी बढ़ने से शरीर पर असर पड़ने लगता है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने लगता है। भीषण गर्मी के चलते उल्टी, दस्त और लू लगने जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के मरीजों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉक्टर्स का कहना है कि अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि डिहाइड्रेशन एक गंभीर स्थिति है, जिसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जैसे कि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार व्यक्ति।
डिहाइड्रेशन के प्रमुख लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी। इनमें अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सूखना, चक्कर आना, सिरदर्द, थकावट महसूस होना, पेशाब का गहरे रंग का आना या मात्रा में कमी होना प्रमुख हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और घर पर उचित जल सेवन करें। बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूप में निकलने से बचें।
वहीं, बाहर निकलते समय सिर और शरीर को ढक कर रखें। गर्मी में मौसमी फलों जैसे खीरा, तरबूज, आम पना, और नींबू पानी का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। इसके साथ ही नारियल पानी, छाछ, और ओआरएस घोल जैसे तरल पदार्थों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। कैफीन युक्त पेय पदार्थ जैसे चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकता है। इसलिए वयस्कों को इनसे परहेज करना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति को उल्टी या दस्त हो रहा हो, तो यह शरीर से तरल पदार्थ की तीव्र हानि का संकेत है। ऐसी स्थिति में तुरंत ओआरएस (Oral Rehydration Solution) देना चाहिए और स्थिति गंभीर होने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी हीट वेव अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से अपील की गई है कि गर्मी के समय बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉक्टर्स के मुताबिक, गर्मी में जल संतुलन बनाए रखना न केवल डिहाइड्रेशन से बचाव करता है, बल्कि यह हीट स्ट्रोक और थकावट जैसी अन्य समस्याओं को भी रोक सकता है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि हर व्यक्ति गर्मी से बचाव के सुरक्षित उपायों को अपनाए और अपने साथ-साथ दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करे।
Life Style: अक्सर गर्मी बढ़ने से शरीर पर असर पड़ने लगता है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने लगता है। भीषण गर्मी के चलते उल्टी, दस्त और लू लगने जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के मरीजों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉक्टर्स का कहना है कि अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि डिहाइड्रेशन एक गंभीर स्थिति है, जिसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जैसे कि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार व्यक्ति।
डिहाइड्रेशन के प्रमुख लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी। इनमें अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सूखना, चक्कर आना, सिरदर्द, थकावट महसूस होना, पेशाब का गहरे रंग का आना या मात्रा में कमी होना प्रमुख हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और घर पर उचित जल सेवन करें। बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूप में निकलने से बचें।
वहीं, बाहर निकलते समय सिर और शरीर को ढक कर रखें। गर्मी में मौसमी फलों जैसे खीरा, तरबूज, आम पना, और नींबू पानी का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। इसके साथ ही नारियल पानी, छाछ, और ओआरएस घोल जैसे तरल पदार्थों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। कैफीन युक्त पेय पदार्थ जैसे चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकता है। इसलिए वयस्कों को इनसे परहेज करना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति को उल्टी या दस्त हो रहा हो, तो यह शरीर से तरल पदार्थ की तीव्र हानि का संकेत है। ऐसी स्थिति में तुरंत ओआरएस (Oral Rehydration Solution) देना चाहिए और स्थिति गंभीर होने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी हीट वेव अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से अपील की गई है कि गर्मी के समय बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉक्टर्स के मुताबिक, गर्मी में जल संतुलन बनाए रखना न केवल डिहाइड्रेशन से बचाव करता है, बल्कि यह हीट स्ट्रोक और थकावट जैसी अन्य समस्याओं को भी रोक सकता है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि हर व्यक्ति गर्मी से बचाव के सुरक्षित उपायों को अपनाए और अपने साथ-साथ दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करे।