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बिहार के नव्या की कहानी.. बचपन में ही पता चल गया था शरीर का बदलाव, और फिर लड़का से बन गई लड़की

12-Mar-2022 01:01 PM

PATNA : समाज में अक्सर कई वर्ग के लोगों को अपने हक की लड़ाई लड़ना पड़ता है. ऐसा ही हाल ट्रांसजेंडर समुदाय का भी है, जिनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है. इस बीच हाल ही में बॉलीवुड इंडस्ट्री में नाम-पहचान और समाज में सम्मान के लिए ट्रांसजेंडर नव्या सिंह ने अपनी आवाज बुलंद की है. बिहार के कटिहार में सिख परिवार में पैदा हुई नव्या आज देश की एक जानी मानी मॉडल, एक्टर और मिस ट्रांसक्वीन इंडिया ब्यूटी पेजेंट की ब्रांड एम्बेसडर हैं. साथ ही वह अपने समुदाय के लोगों के लिए आवाज़ उठाती हैं, और समाज में उन्हें पहचान देने की लड़ाई लड़ रही हैं. 


नव्या बॉलीवुड इंडस्ट्री से भी जुड़ी हैं, इसीलिए वह चाहती हैं कि फिल्मों में ट्रांसजेंडर का रोल कोई पुरुष नहीं बल्कि उसी समाज के लोग करें. संजय लीला भंसाली की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में भी विजय राज हिजड़े के रूप में नजर आए थे. जिस पर ट्रांसक्वीन नव्या सिंह ने सवाल उठाए थे.


नव्या अपने बचपन के संघर्ष के बारे में बताती हैं कि वह पैदा लड़के के शरीर में हुई थी, पर जैसे-जैसे वक्त गुजरता गया औरों से खुद को अलग फील करने लग गई. इनकी आत्मा लड़की की है और बॉडी कहीं न कहीं एक लड़के की थी. इसे लेकर काफी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा. बिहार के एक छोटे से गांव से हूं, तब उस वक्त वहां पर इतना ज्यादा एक्सेप्टेशन नहीं थी.


धीरे-धीरे वह बड़ी हो रही थी, तब उनका बिहेवियर लड़कियों जैसा था. नव्या कहती हैं कि उन्हें पहली बार 12 साल की उम्र में रियलाइज हुआ कि वह लड़का नहीं बल्कि लड़की हैं. उनका उठना-बैठना, चलना-फिरना, खाना-पीना सब लड़कियों की तरह था, जबकि उनक्व पापा को ये चीजें बिल्कुल पसंद नहीं थी. आज मुझे लड़की बने कम से कम 10 से 12 साल हो चुके हैं.


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नव्या कहती हैं कि मुझे 2016 में इंडिया की लीडिंग मैगजीन से पहला काम बतौर मॉडल ऑफर हुआ था. उसके बाद धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी, तब सावधान इंडिया में ट्रांस वुमेन मोना का लीड रोल मिला. आगे बढ़ते-बढ़ते एक वक्त ऐसा आया, जहां 2017 में मिस ट्रांसक्वीन इंडिया ब्यूटी पीजेंट के बारे में मुझे पता चला. ऑडिशन दिया. यह इंडिया का एकमात्र ट्रांस वुमेन ब्यूटी पीजेंट है, जो पहली बार किया गया. इस पीजेंट में पार्टिसिपेट किया, तब टॉप-5 प्रतिभागी बनी. इन लोगों ने मिस ट्रांसक्वीन का ब्रांड एम्बेसडर बना दिया, जो पिछले चार सालों से इसकी ब्रांडिंग कर रही हूं. 


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