Bihar News: बिहार में सुशासन की सरकार है. एनडीए सरकार दावा करती है कि, करप्शन पर जीरो टॉलरेंस नीति से समझौता नहीं. लेकिन आज की स्थिति यह है कि सिस्टम ही इस नीति का पलीता लगाने में जुटा है. सिस्टम में बैठे बड़े अफसर ही अगर खेल में शामिल हों, खास लोगों की वसूली गैंग तैयार कर लिया हो, तब निचले स्तर के सरकारी सेवकों से अपेक्षा रखना बेमानी है. सचिवालय में बैठे एक बड़े हाकिम की इन दिनों जबरदस्त चर्चा है. चर्चा इस बात को लेकर है कि साहेब का तंत्र गजब का एक्टिव है. हाल ही में सिफारिश से पोस्टिंग पाये सरकारी सेवकों से संपर्क स्थापित कर ‘लक्ष्मी’ की डिमांड, नहीं देने पर मनचाही पोस्टिंग छीनने की बात की जा रही. अब यह चर्चा अंदर से बाहर आ गई है. 


फील्ड में नहीं मिली बड़ी कुर्सी तो क्या हुआ..सचिवालय में ही बैटिंग कर रहे

साहेब देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पास कर सरकारी सेवा में आए हैं. स्वाभाविक है, बड़ी परीक्षा पास कर साहेब बने हैं, तो उसी हिसाब से कुर्सी भी मिली होगी. वैसे, सरकार ने साहेब को फील्ड से वापस कर मुख्यालय में पोस्टिंग कर दी है. हालांकि, साहेब अभी भी फील्ड में जाने को बेताब हैं, लेकिन सत्ता का समीकरण इसकी इजाजत नहीं दे रहा. वर्तमान सरकार में साहेब को जिले की सबसे बड़ी कुर्सी मिलने से रही. हालांकि, सचिवालय में एक महत्वपूर्ण और कमाई के मामले में बदनाम विभाग में बड़ी जिम्मेदारी जरूर है. साहेब को क्लास-2 रैंक के अफसरों को छोड़कर पर्यवेक्षकीय संवर्ग से लेकर फोर्थ ग्रेड के सरकारी सेवकों का ऑर्थरिटी बनाया गया है. यानि इस रैंक के सरकारी सेवकों को इधर-उधर करने का संपूर्ण जिम्मा इनके पास है.


पैरवी से पोस्टिंग तो ले लिया...बचने के लिए लक्ष्मी की कृपा है जरूरी 

बता दें, हाल में इस विभाग में बड़े पैमाने पर सरकारी सेवकों का ट्रांसफर-पोस्टिंग हुआ है. बताया जाता है कि इसमें बड़े पैमाने पर खेल किया गया. सिफारिश के आधार पर भी बड़ी संख्या में सरकारी सेवकों को इधर से उधर किया गया है. अब अंदर की बात बाहर निकल कर सामने आ रही है. खबर इस लिए बाहर आ गई, क्यों कि साहेब के गैंग में शामिल बॉडीगार्ड-रिश्तेदार और स्वधर्म वाले स्टाफ का फोन सिफारिश से पोस्टिंग पाने वाले सरकारी सेवकों के पास जा रहा. संपर्क स्थापित कर लक्ष्मी की डिमांड की जा रही. समझाया जा रहा कि पैरवी करने वाले नहीं बचायेंगे, बल्कि लक्ष्मी की कृपा से ही आप बचेंगे. क्यों कि आपके ऑथरिटी मेरे साहेब हैं. साहेब की कृपा तब होगी, जब आप उन्हें खुश करेंगे. साहेब खुश तब होंगे, जब आप  थैली का मुंह खोलकर लक्ष्मी रिलीज करेंगे.  


साहेब की ‘वसूली टीम की खूब है चर्चा 

यह चर्चा सत्ता के गलियारे सचिवालय में तैर रही है. कानाफूसी में सबसे ज्यादा चर्चा साहेब की ‘वसूली टीम’ की हो रही है। कहा जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क में केवल स्व धर्म वाले नियोजित सरकारी सेवक ही नहीं, बल्कि रिश्तेदार और यहां तक कि सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड का नाम भी लिया जा रहा है। गैंग में मिशन का नियोजन कर्मी (साहेब का स्व धर्म वाला) ,बॉडीगार्ड-रिश्तेदार का नाम सामने आ रहा है. सचिवालय से लेकर जिलास्तर पर हो रही, चर्चा के मुताबिक, जिन सरकारी सेवकों को सिफारिश या पैरवी के जरिए मनपसंद जगह पर पोस्टिंग मिली है, उन पर खास फोकस है.  


बदनामी पीछा नहीं छोड़ रहा....

बता दें, यह विभाग करप्शन को लेकर हमेशा चर्चा में रहता है. कुछ समय पहले की ही खबर है, जब सरकारी सेवकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर सचिव और भाजपा की विश्वस्त सहयोगी पार्टी वाले मंत्री के बीच विवाद हुआ था. नतीजा हुआ कि ट्रांसफऱ की फाइल फंस गई. बड़ी मुश्किल से अब जाकर फाइल का निबटारा हुआ, लेकिन यहां भी बदनामी ने पीछा नहीं छोड़ा. विभागीय अफसर लिस्ट में नंबर-2 की हैसियत वाले साहेब की वसूली गैंग के बारे में खबर बाहर आ ही गई. जानकार बताते हैं कि वसूली गैंग में 3-4 सदस्य हैं, जो आदेशानुसार काम करते हैं.