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25-Jul-2025 12:30 PM
By First Bihar
Bihar Assembly Election 2025: बिहार में चुनाव का मौसम आ गया है. इस मौसम में भांति-भांति के छुटभैये नेता प्रकट होते हैं और चुनाव खत्म होते ही गायब हो जाते हैं. मौसमी नेता तरह-तरह की बातें करते हैं, मीडिया का दुरूपयोग कर चर्चा में आते हैं, इसके लिए चवन्नी-अठन्नी खर्च भी कर देते हैं, फिर भाग खड़े होते हैं. उन्हें न तो जनता से मतलब होता है और न क्षेत्र से. उन्हें सिर्फ टिकट की अभिलाषा होती है. टिकट मिला तो ठीक वरना अपना धंधा तो है ही.
मौसमी नेता चौबे जी...टिकट के लिए तरह-तरह के अपना रहे जुगाड़
मौसमी नेता टिकट पाने के लिए तरह-तरह के हथकंड़ा अपनाते हैं, दल के नेताओं को अपनी ओर ध्यान आकृष्ठ कराने के लिए अनेक तरह के प्रयोग करते हैं. एक ऐसे ही मौसमी नेता हैं चौबे जी...। चौबे जी भाजपा से टिकट की आस पाल रखे हैं. टिकट पाने के लिए अपनी सेना बना लिया है, वो भी ऋषि-मुनि के नाम पर. खुद उक्त सेना के राष्ट्रीय संयोजक हैं. मौसमी नेता को लगता है कि ऋषि-मुनि के नाम पर सेना बनाने से भारतीय जनता पार्टी खुश हो जाएगी और उन्हें विधानसभा का टिकट दे देगी. वैसे बता दें, नेता जी जिस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं, उनका उस क्षेत्र में कोई अस्तित्व नहीं. जमीनी पकड़ तो दूर-दूर तक नहीं है. जिस दल से प्रत्याशी बनना चाहते हैं, उस दल से वास्ता भी नहीं. पूरी तरह से हवा हवाई नेता हैं. चूंकि चुनावी मौसम है, लिहाजा टिकट के लिए जतन कर रहे हैं.
महर्षि की तपोभूमि पर स्वघोषित कैंडिडेट चौबे जी...!
स्वघोषित उम्मीदवार चौबे जी हाल के दिनों में चेहरा चमकाने के लिए तरह-तरह के हथकंड़े अपनाये हुए हैं. चर्चा में आने के लिए उक्त विधानसभा क्षेत्र में हेलिकॉप्टर से फूल बरसाये थे, ताकि लोग उन्हें नोटिस ले. लेकिन वहां की जनता नोटिस लेने को तैयार ही नहीं हुई. हम बात कर रहे हैं महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि वाले विधानसभा क्षेत्र की. इसी क्षेत्र में एक मौसमी नेता कई महीनों से चुनावी तैयारी कर रहे हैं. जानकार बताते हैं कि उन्हें गलतफहमी हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें बुलाकर टिकट देगी.
मौसमी नेता का असली ठिकाना-काम क्या है..लोग जानते ही नहीं
जिस मौसमी नेता की बात कर रहे हैं, उनका ठौर-ठिकाना उक्त विधानसभा क्षेत्र में नहीं है, उनका असली ठिकाना कहां है, वहां की जनता भी नहीं जानती, उनका काम क्या है..यह भी वहां की जनता नहीं जानती . आमदनी का सोर्स क्या है...यह भी किसी को पता नहीं. यानि जो शख्स चुनाव लड़ना चाहता है, उनके बारे में वहां की जनता abcd भी नहीं जानती.
बाजार बनाने को जमकर पैसा लुटा रहे मौसमी नेता
हम आपको महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने को लालायित उक्त मौसमी नेता के बारे में बताते हैं. नेता जी का ठिकाना दिल्ली-नोएड़ा है. महर्षि की धऱती से वास्ता सिर्फ टिकट भर का है. टिकट का समय खत्म मौसमी नेता का दर्शन दुर्लभ. वैसे इस मौसमी नेता का काम क्या है..? मौसमी नेता जिस तरह से पैसा खर्च कर रहे हैं...उससे लोगों की शंका बढ़ रही है. आखिर इस मौसमी नेता का बिजनेस क्या है, कहां है, कोई फैक्ट्री है या क्या कुछ और है ? यह हर कोई जानना चाहता है ? काफी तह में जाने के बाद उनके एक खास ने थोड़ी-बहुत जानकारी दी है. जो जानकारी हाथ लगी है वो चौंकाने वाली है. दरअसल...मौसमी नेता की कमाई एक ###ला है. उसी के पैसे से नेताजी बिहार में जमकर बाजार बना रहे हैं. विधानसभा क्षेत्र से लेकर राजधानी पटना तक माहौल बना रहे हैं. चर्चा में आने के लिए तरह-तरह के हथकंड़े अपना रहे हैं. मीडिया का सहारा ले रहे हैं. कुछ दिन पहले ही राजधानी पटना में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए थे. जिस पर लिखा गया था....अयोध्या काशी झांकी है...### अभी बाकी है.