Bihar News: सरकारी सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार सारी सीमाओं को लांघ चुका है. हालांकि सरकार की जांच एजेंसी लगातार कार्रवाई में जुटी है. निगरानी ब्यूरो के ताबड़तोड़ एक्शन से धनकुबेर अधिकारी बेचैन हैं. खासकर वैसे इंजीनियर-अफसर जिन्होंने सेवाकाल में पत्नी-रिश्तेदारों के नाम पर अकूत संपत्ति अर्जित की, उनमें भारी खौफ है. अपने डिपार्टमेंट के एक इंजीनियर पर कार्रवाई होते ही,बाकी संपत्ति को छुपाने में जुट जाते हैं. भवन निर्माण विभाग के एक अधीक्षण अभियंता की पोल खुली तो दूसरे अधीक्षण अभियंता स्तर के सरकारी सेवक संपत्ति को ठिकाने लगाने में जुटे हैं.
काली कमाई के कितने कुबेर ?
निगरानी ब्यूरो ने 16 सितंबर को भवन निर्माण विभाग के पूर्णिया अंचल में तैनात अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के पास चार करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति का खुलासा किया है. उक्त अभियंता के फुलवारीशरीफ में पांच मंजिला भव्य मकान, दानापुर और नौबतपुर में करीब 26 कट्ठा जमीन के सबूत सार्वजनिक हो गया. विजिलेंस की जांच में ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट और पटना के शास्त्रीनगर स्थित एजी कॉलोनी में तीन मंजिला मकान के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं . इसके अगले ही दिन 1st Bihar Jharkhand ने बाताया कि, सिर्फ सत्येन्द्र चौधरी ही नहीं, भवन निर्माण विभाग में अधीक्षण अभियंता स्तर के एक से बढ़कर एक धनकुबेर हैं, जो मोटी कमाई कर मलाईदार पोस्टिंग लेकर बैठे हैं. एक-एक अभियंता एक दिन में पत्नी के नाम पर करोड़ों की प्रॉपर्टी खऱीद रहे. सबसे खास बात यह की पत्नी का अलग रिटर्न दाखिल करने का हवाला देकर संपत्ति की जानकारी साझा नहीं कर रहे. जबकि पत्नी पूरी तरह से पति पर निर्भर हैं.
साला व अन्य रिश्तेदारों के नाम पर अर्जित कर रहे संपत्ति
इस खबर के बाद भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता स्तर के उक्त अधिकारी जो गांधी की ऐतिहासिक धऱती पर पदस्थापित बताये जाते हैं, उनमें बेचैनी बढ़ गई है. जानकार बताते हैं कि उक्त अभियंता जहां भी जाते हैं, पत्नी के भाई यानी (साला) को साथ लेकर जाते हैं. साथ ही एक-दो और खास को साथ रखते हैं. पूरी कमाई अपने रिश्तेदारों के पास जमा करते हैं. जैसे ही मोटी कमाई करने की खबर सार्वजनिक हुई, उक्त अधीक्षण अभियंता में बेचैनी बढ़ गई है. विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि खबर के कुछ घंटे बाद ही जिस जिला में वो पदस्थापित हैं, वहां से राजधानी के लिए निकल पड़े. इसके बाद अगले ही दिन पोस्टिंग वाले आवास पर अपने खास को भिजवाया और महत्वपूर्ण सामान को हटवा दिया. बताया जाता है कि, अधीक्षण अभियंता के खास निजी गाड़ी से आए और महत्वपूर्ण सामान लेकर निकल गए.
सिर्फ सत्येन्द्र चौधरी ही नहीं, BCD के एक और S.E. ने अकूत संपत्ति बनाई
भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र कुमार चौधरी के ठिकानों पर निगरानी ने छापेमारी के बाद एक बार फिर से इस डिपार्टमेंट की चर्चा हो रही है. इसके पहले प्रवर्तन निदेशालय ने जब भवन निर्माण विभाग के एक मुख्य अभियंता के ठिकानों पर रेड डाला था, तब लगभग 8 करोड़ रू नकद मिले थे. सिर्फ सत्येन्द्र चौधरी ही नहीं, इस विभाग में कई ऐसे अधीक्षण अभियंता हैं, जिन्होंने अकूत संपत्ति अर्जित की है. पटना से लेकर झारखंड और दिल्ली तक में छुपाकर संपत्ति बनाई है. भवन निर्माण विभाग के एक ऐसे ही धनकुबेर अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) की खूब चर्चा हो रही है. ये महोदय कुछ समय तक सीमांचल के इलाके में ही पदस्थापित थे. एक प्रमंडल की बात कौन करे, सेटिंग ऐसी तगड़ी थी कि दो-दो डिवीजन का जिम्मा संभाल रहे थे. इसके पहले राजधानी में पदस्थापित थे. अब ये गांधी की ऐतिहासिक धऱती से जुड़े जिले में पदस्थापित बताये जाते हैं.
राजधानी से लेकर सीमांचल तक और अब जहां पदस्थापित हैं, वहां पर भी एक ही चर्चा है, ‘’साहब दोनों हाथ से माल बना रहे….बिना चढावा लिए कलम उठाते ही नहीं.’’ दरअसल, भवन निर्माण विभाग के के दूसरे वाले ये अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) जहां भी रहे, विवादों में रहे. पैसे को लेकर ठेकेदारों से विवाद होते रहा. सीमांचल में भी इनकी कमाई की खूब चर्चा होती है. इसके पहले राजधानी में पदस्थापन के दौरान विवादों से गहरा नाता रहा. बताया जाता है कि इस दौरान अकूत संपत्ति बनाई.
इस अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) ने भी नौबतपुर में करोड़ों की संपत्ति बनाई
निगरानी ब्यूरो ने बुधवार को आरसीडी के अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की तो, नौबतपुर इलाके में बड़ी प्रॉपर्टी का पता चला. सिर्फ सत्येन्द्र चौधरी ही नहीं बल्कि ये साहब (अधीक्षण अभियंता) ने भी नौबतपुर इलाके में मेन रोड़ के किनारे करोड़ों की जमीन पत्नी (#### कुमारी) के नाम पर खरीद की है. इस अधीक्षण अभियंता की पूरी कुंडली भी बाहर आ गई है. बताया जाता है कि अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) के अपने लोगों ने ही पटना से लेकर दिल्ली और झारखंड में अर्जित की गई पूरी संपत्ति की जानकारी उचित फोरम पर पहुंचा दिया है.
नए वाले S.E. ने पत्नी के नाम पर बिहटा-सरमेरा रोड पर बेशकीमती जमीन खरीदी
आपको बताते हैं कि, इस अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) ने जून 2023 में पत्नी #### कुमारी के नाम पर नौबतपुर अंचल में बिहटा-सरमेरा मेन रोड़ पर व्य़वसायिक जमीन की खरीद की है. यह जमीन चार विभिन्न प्लॉट में खरीद की गई है. कुल रकबा लगभग 25 डिसमिल, यानि आठ कट्ठा भूमि खरीद की गई. सरकार के यहां इस कॉमर्शियल जमीन का वैल्यू लगभग 1 करोड़ 10 लाख बताया गया है. वैसे खरीद के समय भी वास्तविक बाजार मूल्य 2 करोड़ से अधिक बताई गई है. इनकी पत्नी हाउस वाइफ बताई जाती हैं.
पत्नी के नाम पर अर्जित संपत्ति की जानकारी नहीं दे रहे अधीक्षण अभियंता
वर्ष 2022-23 में भवन प्रमंडल के इस अभियंता ने पत्नी #### कुमारी के नाम पर हटिया से लेकर हदसपुरा,दानापुर वाली संपत्ति का उल्लेख किया था. पत्नी के नाम का पैन नंबर भी सार्वजनिक किया था. 2023-24 के बाद इन्होंने अपनी पत्नी के बारे में संपत्ति का ब्योरा बताना बंद कर दिया. सरकार को बताया है कि पत्नी #### कुमारी स्वयं आईटी रिटर्न फाईल करती है.इसी आधार पर पत्नी के नाम पर अर्जित किसी संपत्ति का उल्लेख नहीं कर रहे. सिर्फ लोन जो पति-पत्नी के नाम पर है, उसी का उल्लेख संपत्ति के ब्योरा में किया है. अगली कड़ी में बतायेंगे, सरकार ने इस संबंध में क्या गाइडलाइ जारी कर रखा है.