Jharkhand Students Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। शनिवार, 8 अगस्त को मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में आंदोलनकारी छात्रों और सरकार द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत एक बार फिर बेनतीजा रही। बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, जिसके बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।



जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच (देवेंद्रनाथ महतो गुट) के बैनर तले छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच किसी ठोस सहमति पर बात नहीं बन सकी।



बैठक के दौरान सरकार की ओर से Jpsc.jssc.feedback@gmail.com ईमेल आईडी साझा की गई। सरकार का कहना है कि जो अभ्यर्थी दूर-दराज के क्षेत्रों से रांची नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे इस ईमेल के जरिए अपनी शिकायतें, सुझाव और अन्य बातें सरकार तक पहुंचा सकते हैं।



सरकार की ओर से गठित प्रतिनिधिमंडल में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू और संजय कुमार यादव शामिल रहे। वहीं, छात्र प्रतिनिधिमंडल में दीनबंधु मंडल, पूजा कुमारी, चंदन कुमार, बिमल कुमार, प्रेम कुमार, रविशंकर, अमित कुमार शर्मा और रामावतार महतो शामिल हुए।



इससे पहले शुक्रवार को भी सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन कर रहे छात्रों के दूसरे गुट के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी, लेकिन उस बैठक में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका था। शनिवार की बैठक के बाद भी बातचीत के विकल्प खुले हुए हैं।



छात्रों के आंदोलन के समर्थन में जेएलकेएम नेता देवेंद्रनाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



छात्र JPSC-JSSC की परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और परीक्षा प्रक्रिया में भरोसा बहाल करने समेत कई मांगें उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच केवल CID से न कराकर CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग शामिल है। छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल CID जांच पर भरोसा नहीं है।



इसके अलावा मामले के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की भी मांग की जा रही है। छात्रों का कहना है कि विशेष अदालत के गठन से मामले की सुनवाई तय समय सीमा में पूरी हो सकेगी और अभ्यर्थियों को जल्द न्याय मिल सकेगा।



छात्रों की एक अन्य प्रमुख मांग टीडीपीएल द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने की है। उनका कहना है कि विवादित एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। साथ ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन भरोसेमंद एवं पारदर्शी एजेंसियों के माध्यम से कराने की मांग की गई है।



छात्रों ने JPSC-JSSC में उन अधिकारियों को भी तत्काल पद से हटाने की मांग की है, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। उनकी मांग है कि ऐसे अधिकारियों की जगह साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। फिलहाल वार्ता से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के कारण जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन जारी है। हालांकि, सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के रास्ते अभी खुले हुए हैं।