RANCHI: झारखंड की राजधानी रांची में अब घरों में बोरिंग या बोरवेल कराना आसान नहीं होगा। रांची नगर निगम ने भूगर्भ जलस्तर में लगातार गिरावट और गर्मी के दौरान होने वाले जल संकट को देखते हुए बोरिंग के लिए नए नियम जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था के बिना घरेलू बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नगर निगम के आदेश के अनुसार, घरेलू उपभोक्ता या भवन मालिक अधिकतम 4 इंच की बोरिंग ही करा सकेंगे। इसके लिए नगर निगम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति देने से पहले निगम के कनीय अभियंता या सहायक अभियंता द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थल जांच की जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ही बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।
बोरिंग के लिए शपथ पत्र देना होगा
बोरिंग की अनुमति लेने वाले आवेदक को शपथ पत्र भी देना होगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि बोरिंग निजी भूमि पर कराई जाएगी। जमीन से संबंधित किसी भी विवाद की जिम्मेदारी आवेदक की होगी। इसके अलावा आसपास के निजी परिसर या सार्वजनिक संपत्ति को होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी जिम्मेदारी भी भवन मालिक की होगी। आवेदक को यह भी घोषित करना होगा कि बोरिंग से प्राप्त पानी का इस्तेमाल पेयजल या घरेलू कार्यों के लिए किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग नहीं कराई जा सकेगी।
बोरिंग की गहराई भूजल स्तर पर निर्भर करेगी
नगर निगम के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए डीप बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर तय की जाएगी। बोरिंग कराने के बाद रिंग मशीन संचालक को बोरिंग की गहराई और जलस्तर की जानकारी देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में बोरिंग नहीं कराने पर अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी। विशेष परिस्थिति में ही 15 दिन के बाद बोरिंग की अनुमति दी जा सकेगी।
व्यावसायिक बोरिंग के लिए भी सख्त नियम
व्यावसायिक आवेदक के लिए भवन मालिक के नाम पर केवल एक बोरिंग की स्वीकृति दी जाएगी। व्यावसायिक भवनों में फ्लो मीटर लगाना अनिवार्य होगा और पानी का उपयोग संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। यदि किसी व्यावसायिक भवन में पहले से 6 इंच की बोरिंग है, तो वहां 4 इंच की नई बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
क्षेत्रफल के आधार पर देना होगा शुल्क
बोरिंग की अनुमति के लिए आवासीय और व्यावसायिक आवेदकों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है।
आवासीय भवन 0 से 5,000 वर्गफीट: ₹2,500
आवासीय भवन 5,000 वर्गफीट से अधिक: ₹5,000
व्यावसायिक प्रतिष्ठान 0 से 1,000 वर्गफीट: ₹10,000
व्यावसायिक प्रतिष्ठान 1,000 वर्गफीट से अधिक: ₹10 प्रति वर्गफीट
यह शुल्क केवल 4 इंच की बोरिंग के लिए मान्य होगा।
बिना अनुमति बोरिंग पर लगेगा भारी जुर्माना
रांची नगर निगम ने बिना अनुमति बोरिंग कराने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया है।
बिना अनुमति आवासीय बोरिंग: ₹25,000 जुर्माना
बिना अनुमति व्यावसायिक बोरिंग: ₹1,00,000 जुर्माना
इसके अलावा अवैध बोरिंग को सील भी किया जा सकता है। सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग कराने पर भी भवन मालिक के खिलाफ जुर्माना और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत मिलने पर आवेदन हो सकता है खारिज
नगर निगम ने कहा है कि किसी आवेदन के खिलाफ शिकायत मिलने पर 15 दिनों के भीतर उसे खारिज करने का अधिकार निगम के पास होगा। इसके अलावा निगम पांच दिनों के भीतर समाचार पत्र में सूचना प्रकाशित कर सार्वजनिक आपत्तियां भी आमंत्रित कर सकता है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थल जांच और संबंधित अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद ही बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।
बोरिंग की अनुमति के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदक को विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों के साथ नगर निगम की जलापूर्ति शाखा में जमा करना होगा। आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज देने होंगे:
आवेदक का पहचान पत्र
होल्डिंग रसीद
बोरवेल वाले स्थान की GPS फोटो
संस्थान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान के मामले में संबंधित अनुमति प्रमाण पत्र
रेन वाटर हार्वेस्टिंग का विवरण और उसकी फोटो
खाली भूमि के मामले में भवन निर्माण के बाद रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना बनाने संबंधी शपथ पत्र
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इन नियमों, शर्तों या शुल्क में संशोधन करने का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा और संबंधित लोगों के लिए उसका पालन करना अनिवार्य होगा।