DESK: बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों के बीच एक शिक्षक का अनोखा अंदाज चर्चा में है। जनगणना और मकान सूचीकरण के सरकारी काम के लिए शिक्षक मुन्ना प्रसाद ने बाइक छोड़ घोड़े की सवारी शुरू कर दी है। गांव-गांव घोड़े पर पहुंचते मास्टर साहब का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
झारखंड के गढ़वा जिले के धुरकी स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय टाटीदिरी में कार्यरत सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनगणना और मकान सूचीकरण अभियान में उनकी ड्यूटी लगाई गई है। इस अभियान के तहत उन्हें गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों का डाटा इकट्ठा करना पड़ता है।
इसी बीच पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने उनकी परेशानी बढ़ा दी। ईंधन पर बढ़ते खर्च को देखते हुए उन्होंने बाइक की जगह घोड़े का सहारा लेने का फैसला किया। अब वह सफेद यूनिफॉर्म, सिर पर जनगणना की टोपी और गले में पहचान पत्र पहनकर घोड़े पर सवार होकर गांवों में पहुंच रहे हैं।
मुन्ना प्रसाद का कहना है कि जनगणना का काम लगातार अलग-अलग गांवों में जाकर करना पड़ता है, जिससे बाइक में काफी पेट्रोल खर्च हो रहा था। बढ़ती महंगाई को देखते हुए उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया। उनका कहना है कि घोड़े से यात्रा करने पर खर्च कम हो रहा है और लोग भी आसानी से जनगणना अभियान की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शिक्षक घोड़े पर सवार होकर गांवों में जनगणना करते नजर आ रहे हैं। लोग एक ओर बढ़ती महंगाई को लेकर नाराजगी जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षक की सादगी और अपने काम के प्रति समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां छोटी-छोटी परेशानियों में लोग काम छोड़ देते हैं, वहीं मुन्ना प्रसाद ने सरकारी जिम्मेदारी निभाने के लिए एक अलग और प्रेरणादायक रास्ता चुना है।