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03-Nov-2025 11:09 AM
By First Bihar
Bihar election 2025 : मोकामा में 30 अक्टूबर की शाम एक घटना घटित होती है। यहां जदयू के कैंडिडेट और जनसुराज के कैंडिडेट और समर्थकों के बीच गाड़ियां साइड करवाने को लेकर पहले थोड़ी अनबन होती है और देखते ही देखते बात इतनी बढ़ जाती है कि दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो जाती है और इसी दौरान एक शख्स दुलारचंद यादव की मौत हो जाती है। इसके बाद इसको लेकर एक नाम चर्चा में आता है। और वह नाम होता है अनंत सिंह। इसके बाद इलाके में जमकर बबाल होता है और फ़िर अनंत सिंह की गिरफ्तारी होती हैं। लेकिन इसके पहले की कहानी क्या है वह काफी रोचक है।
अनंत सिंह के करीबी सूत्र बताते हैं कि जब 30 अक्टूबर को यह घटना हुई और चीजें मीडिया में हाइलाइट हुई तो जेडीयू के एक कद्दावर नेता का कॉल मोकामा के जेडीयू कैंडिडेट को आता है और उसके बाद जो बात हुई है उसको हुबहू बताते हैं ...
अनंत सिंह - जी प्रणाम,
उधर से सवाल - क्या हुआ है अनंत बाबू ...
अनंत सिंह - जी हमर गाड़ी त ढेर आगे हलय हमारा कुछ मालूम नए हय बाद में हमारा फोन आइले हल की ऐसन हो गेल हय ...
उसके बाद उधर से जवाब आता है - आप शव के पोस्टमार्टम होने के तक कहीं नहीं जाएंगे और अपने लड़के को कहिए थोड़ा शान्त रहे।
उसके बाद वापस से अनंत सिंह उस दिन कहीं नहीं जाते हैं और हर चीज से दूरी बनाए रखते हैं और उसके बाद देर रात जब शव का पोस्टमार्टम हो जाता है तो कॉल आता है कि आप कल सुबह पैदल सिर्फ मोकामा नगर परिषद में चुनाव प्रचार कीजिए और वापस शाम तक लौट आइए। इसके बाद इस घटना को लेकर काफी सवाल उठने शुरू हो जाते हैं और विपक्ष भी इसको बड़ा मुद्दा बनाना शुरू कर देती है। ऐसे में एनडीए के नेताओं की बातचीत शुरू होती है उसके बाद निर्णय लिया जाता है कि कब उनका बाहर रहना हमारे लिए नुकसान कर सकता है।
उसके बाद अनंत सिंह को शाम के 8 बजे के आस पास कॉल आता है कि आप सरेंडर कर दीजिए वरना बहुत नुकसान होगा पार्टी को और रही बात मोकामा की तो वह हमलोग देख लेंगे वैसे भी वहां राजद प्रत्याशी ने एक गलती कर दी है और इसको लेकर समाज में एक बड़ा मैसेज चला गया है। इसलिए आपको नुकसान नहीं होगा बाकी हमलोग हैं न सब संभाल लिया जाएगा।
इसके बाद अनंत सिंह की सहमति होती है और कहते हैं कि- जी जैसन अपने के आदेश होतय। ठीक हय जा हीअय आर की... उसके बाद अपने सेवादार को बोलते हैं कि - लाओ अंगा रे.. अ चल नदवा। उसके बार वो शाम में नदवा एक मंदिर में आशीर्वाद लेने जाते हैं और उसके बाद कारगिल आकर 10 बजे खाना खाकर बैठ जाते हैं और उन्हें सूचना मिल जाती है कि पुलिस आ रही हैं। इस बीच अनंत सिंह अपने समर्थकों को यह जानकारी देते हैं ओर कहते है कि कोई हो हल्ला नहीं करेगा सबकुछ शांतिपूर्ण ढंग से होगा साहब का आदेश है।
इस बीच यह सुचना है की मोकामा में बिहार के सीएम की भी एक सभा होनी थी और यूपी के सीएम की भी एक सभा होनी थी। लेकिन माहौल ऐसे तैयार हुआ की अनंत सिंह के बाहर रहते भर में वहां जाने के बाद अलग तरह का संदेश समाज में चला जाता। ऐसे में इन नेताओं को इस इलाके से दूरी बनानी होती और चुप रहना पड़ता लेकिन इससे एक गलत संदेश समाज में जाता और नीतीश कुमार की जो छवि है उसको लेकर भी सवाल उठने शुरू हो जाते।
इतना ही नहीं इस मुद्दे को लेकर पूरा एनडीए राजद पर सवाल उठा रही है उसको लेकर अब इस घटना से उन्हें सवाल उठाने नहीं मिलाता और तेजस्वी इसे बड़ा मुद्दा बनाकर इसे इस चुनाव में खूब भुलाते और इसका काफी फायदा उनको मिलता है। लिहाजा अनंत सिंह को गिरफ्तार करने का फैसला किया गया है। इसकी वजह वहां का माहौल के बाद तैयार हुआ चुनावी समीकरण भी है। जब एनडीए को मालूम है की वहां अधिक मेहनत करने की जरूरत नहीं है।