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15-Nov-2025 10:46 AM
By First Bihar
Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को मिली ऐतिहासिक और प्रचंड जीत के बाद अब पटना में नई सरकार के गठन की गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। बुधवार को आए नतीजों ने जहां एनडीए को स्पष्ट बहुमत दिला दिया, वहीं गुरुवार की सुबह से ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास पर सियासी हलचल बढ़ गई। भाजपा और जेडीयू के शीर्ष नेताओं का लगातार पहुंचना इस बात का संकेत दे रहा है कि नई सरकार के स्वरूप, शपथग्रहण समारोह की संभावित तारीख और मंत्रिपरिषद के गठन को लेकर मंथन अब निर्णायक चरण में है।
सुबह सबसे पहले जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले संजय झा मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। उनके तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी वहां पहुंचे। दोनों नेताओं ने सीएम नीतीश से मुलाकात कर चुनाव परिणामों के बाद की परिस्थितियों, एनडीए की रणनीति और सरकार गठन की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। भाजपा की ओर से चुनाव से लेकर रणनीति संचालन तक में सम्राट चौधरी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, ऐसे में उनकी मौजूदगी सत्तारूढ़ गठबंधन की भावी दिशा को लेकर अहम मानी जा रही है। भाजपा और जेडीयू के नेता लगातार बैठकें कर रहे हैं ताकि सरकार गठन की प्रक्रिया सुचारू और तेजी से आगे बढ़ सके।
इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री और लोजपा-रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में चिराग ने कहा कि वह एनडीए की इस शानदार जीत के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताने आए थे। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने विकास और स्थिरता पर भरोसा दिखाया है और एनडीए मिलकर राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
चिराग पासवान ने यह भी संकेत दिया कि एनडीए की सरकार में सहयोगी दलों की भूमिका और प्रतिनिधित्व पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा— “यह जीत बिहार के उज्ज्वल भविष्य की जीत है। हमें जनता ने जिम्मेदारी दी है और यह समय है मिलकर आगे बढ़ने का।”
इधर, जेडीयू के वरीय नेता और पूर्व मंत्री विजय कुमार चौधरी, श्याम रजक तथा कई अन्य वरिष्ठ नेता भी एक अणे मार्ग पहुंचे। इन नेताओं की मौजूदगी से साफ है कि जेडीयू अपने हिस्से के मंत्रियों, विभागों और सरकार में संरचना को लेकर आंतरिक चर्चा कर रही है। माना जा रहा है कि पहले चरण की कैबिनेट में संतुलित प्रतिनिधित्व देने के लिए जेडीयू और भाजपा दोनों ही अपने-अपने संभावित चेहरों पर गंभीर मंथन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी नेताओं से बारी-बारी मुलाकात की और उनसे सरकार गठन, शपथग्रहण समारोह तथा एनडीए की कार्यनीति पर सुझाव लिए। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार चाहते हैं कि शपथग्रहण समारोह अत्यंत सादगीपूर्ण लेकिन प्रभावशाली हो। वहीं सहयोगी दल चाहते हैं कि कैबिनेट गठन में क्षेत्रीय संतुलन और जातिगत प्रतिनिधित्व का पूरा ध्यान रखा जाए।
वहीं राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर विस्तृत बातचीत हो रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, ग्रामीण विकास, उद्योग और गृह विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर दोनों दलों के भीतर गहन चर्चा जारी है। सूत्रों के अनुसार, इस बार कैबिनेट में युवा चेहरों को अधिक स्थान दिए जाने की संभावना है ताकि जनता को नई ऊर्जा और नई दिशा का संदेश दिया जा सके।
पटना के राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार जल्द ही एनडीए के विधायी दल की बैठक बुला सकते हैं, जिसमें औपचारिक रूप से उन्हें नेता चुना जाएगा। इसके बाद राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किए जाने की संभावना है।
एनडीए की प्रचंड जीत के बाद जहां समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं विपक्ष अभी भी परिणामों का विश्लेषण कर रहा है। लेकिन इसके बीच मुख्यमंत्री आवास पर बढ़ रही हलचल यह संकेत देती है कि बिहार में नई सरकार की नींव अगले कुछ दिनों में औपचारिक रूप ले लेगी।
बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई सरकार का चेहरा कौन-कौन होगा और कौन से मंत्रालय किस सहयोगी दल के पास जाएंगे। हालांकि एनडीए के शीर्ष नेता बार-बार यह बता रहे हैं कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और सरकार स्थिर तथा मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, 2025 के चुनावों में मिले जनादेश ने एनडीए की ताकत को और मजबूत किया है और अब पूरा गठबंधन बिहार में एक नई शुरुआत की तैयारी में जुट गया है। नीतीश कुमार के आवास पर लगातार हो रही बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नई सरकार जल्द ही शपथ लेने को तैयार है।
प्रेम राज की रिपोर्ट