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Bihar Assembly Election : ऐसे होगी बुर्के-घूंघट वाली वोटर्स की पहचान, चलेगा टीएन शेषन वाला आदेश

बिहार विधानसभा चुनाव में महिला वोटर्स की पहचान सुरक्षित करने के लिए टीएन शेषन के आदेश लागू, वहीं पंजाब में DIG भुल्लर रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार, सीबीआई जांच जारी।

16-Oct-2025 05:10 PM

By First Bihar

Bihar Assembly Election : बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों के उपचुनावों में पर्दानशीन, बुर्का, हिजाब या नकाब पहनने वाली महिला वोटर्स की पहचान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त टीएन शेषन के 1994 के आदेश को लागू करने का निर्णय लिया है। शेषन के आदेश के अनुसार, किसी भी महिला वोटर की पहचान कराने के दौरान उनकी प्राइवेसी, इज्जत और शालीनता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके लिए वोटिंग सेंटर पर महिला कर्मचारियों की तैनाती, अलग लाइनें और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


चुनाव आयोग के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 326 में स्पष्ट किया गया है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर आधारित होंगे। प्रत्येक भारतीय नागरिक जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है, वह मतदाता बनने के हकदार हैं। इसके अलावा, अनुच्छेद 325 में यह प्रावधान है कि किसी भी व्यक्ति को धर्म, जाति, लिंग या मूलवंश के आधार पर निर्वाचक नामावली में शामिल होने से रोका नहीं जा सकता। इस दिशा में चुनाव आयोग ने कहा कि सभी महिला मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।


महिला मतदाताओं की पहचान की सुरक्षा के लिए चुनाव केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके अंतर्गत महिला कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा, ताकि पर्दानशीन महिलाओं को बिना किसी असुविधा के पहचान कर मतदान कराया जा सके। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी महिला मतदाता की निजता और सम्मान का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। इससे सुनिश्चित होगा कि बिहार सहित अन्य राज्यों में चुनाव निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो।


वहीं, पंजाब में पुलिस और भ्रष्टाचार की जांच से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। रोपड़ रेंज के DIG हरचरण सिंह भुल्लर को गुरुवार (16 अक्टूबर, 2025) को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। DIG भुल्लर पर आरोप है कि उन्होंने फतेहगढ़ साहिब के एक स्क्रैप कारोबारी से 5 लाख रुपये की रिश्वत ली। सीबीआई ने बताया कि DIG को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि DIG ने मामले को निपटाने के लिए पहली किस्त देने के लिए मोहाली ऑफिस बुलाया था।


सूत्रों के अनुसार, DIG भुल्लर के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि वह मामलों में राहत दिलाने के बदले पैसे की मांग करते थे। इसी जानकारी के आधार पर सीबीआई ने पहले से जाल बिछाया और ट्रैप ऑपरेशन के तहत उन्हें गिरफ्तार किया। तलाशी में नकदी के बंडल बरामद हुए हैं। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने DIG के दफ्तर और आवास पर भी छापेमारी की। जांचकर्ताओं को संदेह है कि यहां से भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति के दस्तावेज और अन्य सबूत मिल सकते हैं। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ जारी है।


इस घटनाक्रम से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। DIG भुल्लर की गिरफ्तारी ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार पर कोई भी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है। दूसरी ओर, बिहार में चुनाव आयोग द्वारा महिला मतदाताओं की सुरक्षा के लिए किए गए कदम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर महिला बिना किसी डर या असुविधा के मतदान कर सके।


इस तरह, देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और कानून व्यवस्था दोनों ही क्षेत्रों में सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। एक तरफ महिला मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।